हाईरिस्क की वजह
आयरन और फॉलिक एसिड की कमी: इससे कमजोरी की स्थिति है। इनमें प्रोटीन, विटामिन, और मिनरल्स की कमी है। अत्यधिक वजन, पानी की कमी के साथ जीवनशैली और पर्यावरणीय कारणों से को हाइरिस्क की वजह बताया जा रहा है। ये भी पढ़ें: एमपी में बायपास की जमीनों के रेट बढ़े, 96 गांवों को होगा तगड़ा फायदा
बचाव के लिए इन पर फोकस
● नियमित चिकित्सीय जांच की जा रही है। प्रोटीन, आयरन, फॉलिक एसिड, कैल्शियम और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर आहार देने को कहा जा रहा है। ● साफ-सफाई पर ध्यान देने के साथ दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीने की सलाह दी रही है। समय पर जरूरी टीकाकरण के निर्देश दिए हैं। ● 49 हजार 558 महिलाओं का रजिस्ट्रेशन हुआ।
● 38 हजार 313 का पहला चेकअप हो चुका है। ● 9 हजार 458 महिलाएं हाईरिस्क में हैं महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से जिले की महिलाओं और शिशुओं को उचित पोषण मिले इस पर काम किया जा रहा है। जहां कुछ कमी है वहां विशेष निगरानी के निर्देश दिए।- कौशलेंद्र विक्रमसिंह, कलेक्टर