राम का अर्थ ही सत्य है रामायण सम्मेलन के अकादमिक सत्र के दौरान अंतर्राष्ट्रीय ज्योतिषाचार्य और श्रीविद्या साधक रमण योगी ने रामराज्य की परिकल्पना पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि राम का अर्थ ही सत्य है, हम राम के आदर्श को लेकर दूसरों को सीख तो देते हैं लेकिन स्वयं अमल नहीं करते। बात बात पर झूठ बोलते हैं, हमे पहले खुद को बदलना होगा। बच्चो और युवाओं को जोड़ने के लिए स्कूल, कॉलेजों तक सभाओं के माध्यम से रामायण को पहुंचाना होगा। पहले स्कूलों में हर सप्ताह बाल सभाओं के आयोजन होते थे, अब यह वार्षिक कार्यक्रम हो गए है। इस मौके पर उन्होंने श्रीराम के वनवास को लेकर ज्योतिषीय पक्ष पर भी प्रकाश डाला।
बेटे माता पिता को वृद्धाश्रम पहुंचा रहे यह चिंता का विषय समापन मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि हमे राम के चरित्र को आत्मसात करने की जरूरत है। त्रेता युग में पिता की आज्ञा से श्रीराम वन चले गए, लेकिन अब देखने में यह भी आ रहा है कि अब बेटे अपने माता पिता को वृद्धाश्रम पहुंचा रहे हैं। इस पर चिंतन करने की आवश्यकता है, ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव आए। विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि ज्ञान परंपरा का अर्थ केवल पुरानी खोजों पर गर्व करना नहीं बल्कि उन खोजों से नया कुछ और सीखना है। इस मौके पर प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के पुरस्कार वितरित किए गए।