बजट बनाएं: अपनी कमाई और खर्च का हिसाब रखना यानी बजट बनाना वित्तीय प्रबंधन की पहली सीढ़ी है। इससे यह समझ आएगा कि आपका पैसा कहां जा रहा है और इसे कैसे नियंत्रित कर सकते हैं। अपनी मासिक आय देखकर तय करें कि कितना पैसा जरूरी खर्चों जैसे कि किराया, खाना, ट्रांसपोर्ट आदि में लगेगा। बाकी पैसे को बचत और मनोरंजन के लिए बांट लें। उदाहरण के लिए, अगर मासिक आय 30,000 रुपए है, तो 50त्न जरूरी खर्चों, 20त्न बचत और 30त्न पसंद की चीजों जैसे बाहर घूमने या शॉपिंग के लिए रख सकते हैं।
इमरजेंसी फंड: जिंदगी में कभी भी कुछ भी अनिश्चित हो सकता है, जैसे अचानक नौकरी छूट जाना या कोई मेडिकल इमरजेंसी। ऐसे समय में आपके पास कुछ पैसे तैयार होने चाहिए। आपको 3 से 6 महीने के खर्च के बराबर एक इमरजेंसी फंड बनाना चाहिए। मान लीजिए एक महीने का खर्च 20,000 रुपए है, तो आपको कम से कम 60,000 से 1,20,000 रुपए का इमरजेंसी फंड तैयार करें।
निवेश करें: पैसे बचाना अच्छी बात है, लेकिन उसे बढ़ाना और भी जरूरी है। कम उम्र में निवेश शुरू करने से कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है। आप म्यूचुअल फंड्स, इंडेक्स फंड में एसआइपी कर सकते हैं। यदि हर माह 5,000 रुपए एसआइपी करते हैं और सालाना 12त्न रिटर्न मिलता है, तो 30 साल बाद आपके पास लगभग 1.76 करोड़ रुपए हो सकते हैं।
बीमा कराएं: स्वास्थ्य बीमा आपको मेडिकल खर्चों से बचाएगा, वहीं टर्म इंश्योरेंस आपके परिवार को सुरक्षा देगा। युवा होने का फायदा यह है कि इस उम्र में बीमा का प्रीमियम कम होता है। उदाहरण के लिए 25 साल की उम्र में 1 करोड़ रुपए का टर्म इंश्योरेंस सालाना 10,000-15,000 रुपए में मिल सकता है।