दरअसल, इनकम टैक्स विभाग की ओर से भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि साल 2022 में प्रिंस इंटरप्राइजेज नाम से दिल्ली के स्टेट जोन 3 में एक दुकान संचालित की गई। जिससे कंपनी ने साल 2022-23 में करीब 50 करोड़ रुपए का चमड़ा, लकड़ी और लोहे का कारोबार किया, लेकिन जीएसटी का भुगतान नहीं किया गया। कंपनी के ऊपर 6 करोड़ रुपए की जीएसटी बकाया है।
यह पूरा मामला पथरिया का है। यहां के रहने वाले प्रिंस को जब नोटिस आया तो वह हैरान रह गया। नोटिस आने के बाद युवक ने वकील से बात की तो उन्होंने बताया कि नोटिस तो असली है। इधर, युवक ने दावा किया है कि उसने ऐसी कंपनी कोई कंपनी नहीं है। वह मामूली आदमी है, जो कि अंडे का ठेला लगाता है।
एसपी से की शिकायत
मामले की जांच के लिए एसपी को आवेदन दिया गया है। युवक का कहना है कि यदि उसे समय पर न्याय नहीं मिला तो वह परिवार के साथ सुसाइड कर लेगा।