उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद के मऊ दरवाजा थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गांव से 14 वर्षीय किशोरी का अपहरण कर लिया गया था। पीड़िता के घर वालों ने खोजने का प्रयास किया। लेकिन वह नहीं मिली। बीते वर्ष 6 अक्टूबर को पिता ने थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। इस बीच 9 अक्टूबर को नाबालिग किशोरी अपने घर वापस आ गई और अपने साथ हुई आप बीती सुनाई। बेटी के साथ हुई घटना को सुनकर घरवालों के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने थाना में तहरीर देकर कार्रवाई करने की मांग की।
थानाध्यक्षों और एसपी को दोषी माना गया
लेकिन पुलिस लापरवाही के कारण आरोपी को जमानत मिल गई। घर वालों ने बताया कि आरोपियों ने पीड़िता के पिता को जान से मारने की धमकी दी और 25 दिसंबर को उनकी हत्या कर दी थी। मामला किशोर नया बोर्ड में चल रहा है। जहां गैंगरेप की मां का बयान दर्ज हुए हैं। इस मामले में बीते 5 फरवरी को अधिवक्ता सुरेंद्र शुक्ला के माध्यम से पीड़िता की मां ने किशोर ने बोर्ड में न्याय की गुहार लगाई थी। जांच में मामला सही पाया गया। अदालत ने गैंगरेप की घटना में लापरवाही बरतने का आरोपी मानते हुए दोनों थानाध्यक्षों और एसपी के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।