एसबीआइ(State Bank of India)के रीजनल मैनेजर अरविंद मिश्रा ने ईओडब्ल्यू भोपाल को शिकायत में बताया, एसबीआइ की इंडस्ट्रीयल एस्टेट तानसेन नगर (हजीरा) ब्रांच में ग्राहकों से 1.68 करोड़ की ठगी हुई है। बैंक के तत्कालीन सीनियर एसोसिएट मैनेजर वरुण पाराशर और वीजेन्द्र सिंह बैस समेत बैंक की सिक्योरिटी कर्मचारी सोनम शेजवार, रिटायर्ड कर्मचारी शरद टंडन और एसबीआइ लाइफ का कर्मचारी तेजन अग्रवाल ने सांठगांठ से लोगों का पैसा हड़पा(Mutual Fund investment) है। निवेश के नाम पर ग्राहकों से पैसा लिया और निवेशकों को फर्जी रसीदें थमाईं। ग्राहकों से वसूला पैसा यह लोग अपने और रिश्तेदारों के बैंक खातों में जमा करते रहे।
2020 से 2024 तक चला फरेब
रीजनल मैनेजर मिश्रा ने शिकायत में बताया ठगी का खेल बैंक में चार साल तक चला। शुरु में तो निवेशकों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। अब कुछ लोगों ने निवेश की जानकारी मांगी तब उन्हें ठगी का पता चला। पीड़ित लोगों ने शिकायतें कीं इस पर बैंक ने अंदरुनी जांच की। उसमें बैंक के चारों अधिकारी और कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आई।पीड़ितों की गिनती बढ़ेगी
निरीक्षक पारुल चंदेल का कहना है एसबीआइ(State Bank of India) के पांच अधिकारी, कर्मचारियों पर धोखेबाजी का केस दर्ज हुआ है। अभी सिर्फ पांच, छह बैंक खातों की जानकारी मिली है। इनमें ग्राहकों का पैसा जमा हुआ है। जांच शुरू होने पर फरेब की रकम और पीड़ितों की गिनती बढ़ सकती है।बैंक ने अंदरुनी जांच के बाद ईओडब्ल्यू के भोपाल मुख्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। अब जांच ईओडब्ल्यू की ग्वालियर विंग को सौंपी गई है। –दिलीप सिंह तोमर, एसपी ईओडब्ल्यू ग्वालियर