हरदोई डीएम ने कराई भर्ती प्रक्रिया की जांच
शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी ने भर्ती प्रक्रिया की जांच कराई थी। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कई उम्मीदवारों ने आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा किया था। इन फर्जी प्रमाणपत्रों को संबंधित लेखपालों द्वारा बिना किसी सही जांच के मंजूरी दे दी गई थी। लेखपालों की इस लापरवाही और गैरजिम्मेदाराना रवैये के चलते गलत तरीके से चयन हुआ, जिससे वास्तविक पात्र उम्मीदवारों के अधिकारों का हनन हुआ। संपत्ति अधिक पर आय प्रमाणपत्र में बनाया गरीब
जांच में यह भी पाया गया कि एक महिला अभ्यर्थी की संपत्ति अधिक होने के बावजूद लेखपाल ने जानबूझकर उसे कम दिखाया और आय प्रमाणपत्र जारी कर दिया। शिकायत सही साबित होने पर एसडीएम बिलग्राम ने मंगलवार को संबंधित लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
जिलाधिकारी ने 21 फर्जी प्रमाणपत्रों को रद्द करते हुए उन पर आधारित सभी नियुक्तियों को निरस्त कर दिया है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की पारदर्शी और ईमानदार भर्ती प्रक्रिया को किसी भी कीमत पर भ्रष्टाचार से प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने चेतावनी दी कि इस तरह की गंभीर लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, भविष्य में सभी प्रमाणपत्रों की जांच में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।