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इंदौर

मध्यप्रदेश में प्रदूषण का स्तर WHO की गाइडलाइन से 9 गुना ज्यादा

MP News : प्रो. मनीष ने बताया, मप्र में प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन की गाइडलाइन से 9 गुना ज्यादा है। यह प्रदूषण वाले दिनों में 20 गुना तक बढ़ता है। समय रहते कदम उठाने होंगे।

इंदौरMar 26, 2025 / 03:54 pm

Avantika Pandey

Pollution level in Madhya Pradesh

Pollution level in Madhya Pradesh

MP News : वायु प्रदूषण से जूझ रही दिल्ली और उत्तर प्रदेश के बाद अब मध्यप्रदेश में भी हालात अच्छे नहीं हैं। शोध में पता चला है कि 43 साल में मप्र में 140% प्रदूषण बढ़ा है। इससे हर साल 1 लाख से ज्यादा लोगों को दिल-फेफड़ों से जुड़ी बीमारी हो रही है। अंतरराष्ट्रीय मानकों से 9% ज्यादा प्रदूषण है। आइआइटी इंदौर(IIT Indore) के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. मनीष कुमार गोयल व टीम ने 1980 से 2023 तक के आंकड़ों का विश्लेषण कर यह खुलासा किया है। यह अध्ययन जर्नल ‘टेक्नोलॉजी इन सोसाइटी’ में प्रकाशित हुआ है।
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शोध के अनुसार, पीएम 2.5 सूक्ष्म प्रदूषक कणों फेफड़ों में जाकर हृदय, फेफड़ों व तंत्रिका तंत्र पर गंभीर असर डाल सकते हैं। प्रो. मनीष ने बताया, मप्र में प्रदूषण का स्तर(Pollution level in Madhya Pradesh) विश्व स्वास्थ्य संगठन की गाइडलाइन से 9 गुना ज्यादा है। यह प्रदूषण वाले दिनों में 20 गुना तक बढ़ता है। समय रहते कदम उठाने होंगे।
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80 दिन हवा खराब

शोध के अनुसार, मप्र(Pollution level in Madhya Pradesh) में पीएम 2.5 का औसत स्तर 40-50 प्रति घनमीटर तक पहुंचा। यह सुरक्षित सीमा में है। ज्यादा प्रदूषण वाले दिनों में 200-250 प्रति घनमीटर बेहद खतरनाक स्तर तक पहुंचता है। 1980 की तुलना में वायु प्रदूषण 140% तक बढ़ा है। हर साल औसतन 70-80 दिन हवा बेहद खराब होती है।
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ऐसे कम होगा प्रदूषण

  1. फैक्ट्रियों और उद्योगों में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाएं।
  2. एलपीजी, इलेक्ट्रिक और अन्य स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा।
  3. शहरों में अधिक पेड़-पौधे लगाएं।
  4. बड़े शहरों में एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाएं।

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