शिविरों के सफल आयोजन के लिए जिला कलक्टर के निर्देशों की अनुपालना में जिला स्तरीय हेल्प डेस्क का संचालन किया जा रहा है। अपनी ग्राम पंचायत में शिविर के आयोजन सहित अन्य जानकारियां हासिल करने के लिए आमजन एवं किसान दूरभाष नंबर 0141-2209905, 0141-2209906 पर संपर्क कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि किसान रजिस्ट्री शिविरों में लाभार्थियों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किये गए हैं। शिविर में किसान आईडी तैयार करने के साथ साथ प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना, मुख्यमंत्री आरोग्य आयुष्मान योजना, किसान क्रेडिट कार्ड मंगला पशु बीमा योजना, पशु टीकाकरण, पशु चिकित्सा एवं उपचार सहित पशुपालन विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग सहित अन्य विभागों की योजनाओं से भी किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है।
प्रातः 9ः30 बजे से सायं 5ः30 बजे तक हो रहा शिविरों का आयोजन
एग्रीस्टैक योजनांतर्गत जयपुर में फार्मर रजिस्ट्री अभियान का आयोजन ग्राम पंचायत स्तर पर 31 मार्च तक किया जा रहा है। शिविरों में किसानों की विशिष्ट फार्मर आईडी बनाई जा रही है। शिविरों का आयोजन प्रातः 9ः30 बजे से सायं 5ः30 बजे तक किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत प्रत्येक किसान को विशिष्ट फार्मर आईडी 11 अंकों की प्रदान की जा रही है। किसानों द्वारा आईडी बनवाने के लिये आधार कार्ड, जमाबंदी, मोबाईल नम्बर की जरूरत होगी। भविष्य में किसानों की सरकारी योजनाओं व सेवाओं तक पहुंच आसान करने, प्रधानमंत्री किसान/मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, कृषि विभाग की अन्य योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिये फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से प्राप्त आईडी उपयोगी होगी।
बेहद सरल है फार्मर आईडी बनवाने की प्रक्रिया
सभी ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर शिविर आयोजित करवाये जा रहे हैं। आपकी कृषि भूमि से संबंधित ग्राम पंचायत के शिविर में जाकर फार्मर आईडी बनवा सकते हैं। फार्मर आईडी बनाने के लिए किसान को महज अपना आधार कार्ड, आधार से लिंक्ड मोबाइल नम्बर वाला फोन और नवीनतम जमाबंदी लेकर शिविर में आना होगा। अपनी ग्राम पंचायत में शिविर कार्यक्रम की जानकारी www.rjfrc.rajasthan.gov.in पोर्टल पर जाकर प्राप्त की जा सकती है।
हर किसान को मिल रही 11 अंकों की एक विशिष्ट पहचान
किसान रजिस्ट्री, एग्रीस्टैक परियोजना के तहत कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार की एक पहल है। कृषक विवरण (कृषक का जनसांख्यिकीय विवरण, उसके द्वारा धारित कृषि भूमि का विवरण, प्रत्येक कृषि भूखण्ड के जीपीएस निर्देशांक, उस पर बोई गई फसलों का विवरण आदि) को डिजिटल इन्फास्ट्रक्चर में संकलित किया जाकर, प्रदेश के प्रत्येक किसान को ’आधार’ आधारित एक 11 अंकों की एक यूनिक आईडी (विशिष्ट किसान आईडी) आवंटित की जा रही है, जिससे किसान डिजिटल रूप से अपनी पहचान प्रमाणित कर सकेंगे। किसान आईडी डिजिटली सत्यापन योग्य पहचान है, जिसे www.rjfr.agristack.gov.in पोर्टल पर जाकर प्राप्त कर सकते हैं। फार्मर आईडी जनरेट होने के बाद भूमि संशोधन (खसरा जोड़ने या हटाने) के लिए पटवारी, भू-अभि. निरीक्षक या तहसीलदार से सम्पर्क किया जा सकता है।
मोबाइल एप/वेबसाइट द्वारा प्रदेश के समस्त कृषकों के स्वामित्व वाले सभी खसरों को सम्मिलित करते हुए कृषक के ’आधार’ से लिंक कराया जाएगा, तत्पश्चात कृषक से ऑनलाइन सहमति प्राप्त करते हए ई-हस्ताक्षर की कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।
इसलिए उपयोगी है किसान रजिस्ट्री
भविष्य में प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि, कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए फार्मर आईडी आवश्यक है। राज्य एवं भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ सीधे पात्र किसानों को प्रदान करने के लिए फार्मर आईडी आवश्यक होगी। भविष्य में नामांतरण एवं क्रय-विक्रय पंजीयन की प्रक्रिया में भी फार्मर आईडी आवश्यक होगी।
किसान रजिस्ट्री से किसानों को लाभ
किसान आईडी (बिना अतिरिक्त दस्तावेज) के माध्यम से सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं तक पहुंच आसान हो सकेगी। पात्र किसान का प्रधानमंत्री-किसान/मुख्यमंत्री-किसान सम्मान निधि योजना, अन्य योजनाओं में स्वतः जुड़ना सम्भव होगा। किसानों से फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्यों एवं अन्य योजनाओं में त्वरित (बिना किसी अतिरिक्त दस्तावेज के) खरीद संभव हो सकेगी। किसान की फसल के अनुसार डिजिटल तरीके से फसलों का बीमा संभव होगा। इसके अतिरिक्त किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड द्वारा ऋण आसानी एवं शीघ्रता से मिल सकेगा। किसानों को फसलों के लिए सेवाओं और बाजारों का व्यापक विकल्प मिल सकेगा। किसान अपनी फसलों, मृदा की स्थिति और कृषि-जलवायु परिस्थितियों के अनुसार परामर्श सेवाएं प्राप्त कर सकेंगे । साथ ही, सरकारी योजनाओं में लाभों का समान वितरण सुनिश्चित हो सकेगा, साथ ही लाभ से वंचित पात्र किसानों की पहचान संभव होगी ।