दरअसल, 15 फरवरी को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मच गई थी, जिसमें 18 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे में कई यात्री घायल हो गए थे। इस घटना से सबक लेते हुए रेलवे ने भीड़ नियंत्रण के लिए नई हाईटेक योजना तैयार की है। उत्तर पश्चिम रेलवे के सीपीआरओ कैप्टन शशिकिरण ने बताया कि जयपुर जंक्शन पर इस योजना के तहत 158 सीसीटीवी कैमरों को एआइ तकनीक से अपग्रेड किया जा रहा है। रेलवे बोर्ड की तकनीकी टीम दो बार स्टेशन का निरीक्षण कर चुकी है। संभवत: इस माह के अंत तक यह प्रोजेक्ट शुरू कर दिया जाएगा। इसकी शुरुआत स्टेशन के हावड़ा ब्रिज से होगी।
अलर्ट सिस्टम
जैसे ही किसी प्लेटफॉर्म, ब्रिज, टिकट घर या अन्य महत्वपूर्ण स्थान पर भीड़ बढ़ेगी तो रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के इंचार्ज और ड्यूटी पर तैनात स्टाफ के मोबाइल फोन पर तुरंत अलर्ट मैसेज पहुंच जाएगा। इससे भगदड जैसी स्थिति नहीं होगी।
रियल-टाइम मॉनिटरिंग
एआइ आधारित कैमरे स्टेशन पर भीड़ के मूवमेंट को ट्रैक करेंगे। भीड़ जमा होने से पहले ही अलर्ट भेजेंगे। सुरक्षा में बढ़ोतरी
इस तकनीक की मदद से भीड़ नियंत्रण के साथ-साथ अपराध पर भी अंकुश लगेगा।
आपातकालीन निकासी प्लान
यदि किसी कारण भगदड़ की स्थिति बनती है तो एआइ के जरिये तत्काल निकासी मार्ग तैयार किया जा सकेगा। टीम को भेजेगा अलर्ट
स्टेशन परिसर और यार्ड में एआइ-आधारित कैमरे उन जगहों पर भी 24 घंटे नजर रखेंगे जहां आम लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित है। यदि कोई संदिग्ध गतिविधि होती है तो कैमरे तुरंत उसे पकड़ लेंगे और सिक्योरिटी टीम को अलर्ट भेज देंगे।
इसलिए जरूरी
जयपुर से रोजाना 100 से अधिक ट्रेनें गुजरती और 1 लाख से ज्यादा यात्री आते-जातेे हैं। इससे प्लेटफॉर्मों पर भीड़ रहती है। री-डवलपमेंट कार्य के कारण कुछ प्लेटफॉर्म बंद हैं, जिससे अन्य प्लेटफॉर्म पर दबाव है।