World Forestry Day: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को यहां देशभर के पहले ‘डिजी-वन-फोरेस्ट स्टैक’ एप का शुभारम्भ, वानिकी एवं वन्य जीव प्रशिक्षण एवं प्रबंधन संस्थान का शिलान्यास, सीतामाता वन्यजीव अभ्यारण्य में इको टूरिज्म सुविधाओं तथा केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान एवं नाहरगढ़ बायोलोजिकल पार्क में गोल्फ कार्ट सुविधा का लोकार्पण सहित कई सौगातें देते हुए कहा कि सभी को वन बचाने, अपनी जैव-विविधता को संरक्षित करने एवं भावी पीढ़ी के लिए हरा भरा और स्वस्थ राजस्थान बनाने का संकल्प लेना चाहिए।
मुख्यमंत्री विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर जयपुर के राजस्थान इन्टरनेशनल सेन्टर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरणा लेकर राज्य सरकार ने मिशन हरियालो राजस्थान के तहत 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है, जिसके तहत वर्ष 2024-25 में प्रदेश में सात करोड़ पौधे लगाए गए तथा बजट वर्ष 2025-26 की घोषणा की अनुपालना में इस वर्ष 10 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे।
‘प्रकृति हमारे जीवन का आधार’
उन्होंने कहा कि प्रकृति हमारे जीवन का आधार है। हमारी संस्कृति में पेड़, प्रकृति एवं पहाड़ों की पूजा की जाती है तथा राजस्थान का पर्यावरण संरक्षण से पुराना नाता रहा है। उन्होंने आह्वान करते हुए कहा कि हम वनों को बचाने और अपनी जैव-विविधता को संरक्षित करने के साथ ही आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरा भरा और स्वस्थ राजस्थान बनाने का संकल्प लेना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी वन, पर्यावरण एवं जलवायु संतुलन के प्रयासों में एक वैश्विक लीडर बनकर उभरे हैं। ग्लासगो में आयोजित कोप 26 के दौरान प्रधानमंत्री ने दुनिया के सामने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए पांच प्रतिबद्धताएं अर्थात पांच अमृत तत्व रखे हैं, जिनमें वन भी शामिल हैं।
राष्ट्रीय गोडावण संरक्षण एक्शन प्लान की घोषणा
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय वन्यजीव मंडल की बैठक में गोडावण पर राज्य में किए जा रहे संरक्षण कार्यों की सराहना करते हुए राष्ट्रीय गोडावण संरक्षण एक्शन प्लान की भी घोषणा की है। शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर हमारी सरकार थ्री आर यानी रिड्यूस, रीयूज और रीसाइकल को बढ़ावा देकर कचरे के प्रभावी प्रबंधन, जल संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा और संसाधन दक्षता पर विशेष ध्यान दे रही है।
इसी दिशा में हमारी सरकार ने बजट 2025-26 में राजस्थान सर्कुलर इकोनॉमी इन्सेंटिव स्कीम 2025 की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में बेहतरीन कार्य किए जा रहे हैं, जिससे प्रदेश की देशभर में नई पहचान बन रही है।
जल्द आएगी कृषि वानिकी नीति
उन्होंने कहा कि हरित आवरण में कृषि वानिकी की इस महत्वपूर्ण भूमिका को समझते हुए हमारी सरकार राज्य में पहली बार कृषि वानिकी नीति ला रही है। इसी तरह राज्य सरकार द्वारा स्थानीय प्रजातियों के संरक्षण एवं विस्तार के लिए ‘एक जिला एक प्रजाति’ कार्यक्रम, सभी जिलों में मातृ वन की स्थापना, वन रक्षकों की भर्ती जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
साथ ही हमारी सरकार द्वारा ग्रासलैंड के महत्व को समझते हुए राज्य में वृहद स्तर पर ग्रासलैंड संरक्षण एवं विकास के कार्य एवं घड़ियाल संरक्षण के लिए सवाई माधोपुर में पालीघाट के निकट एक घड़ियाल रियरिंग सेंटर की स्थापना की जा रही है।
डिजी-वन-फोरेस्ट स्टैक एप का शुभारम्भ
इस अवसर पर शर्मा ने वन विभाग द्वारा विभागीय कार्यो में पारदर्शिता लाने के लिए नवीनतम आईटी तकनीक के उपयोग से विकसित ‘डिजी-वन-फोरेस्ट स्टैक’ एप का शुभारम्भ किया, जो कि देशभर का पहला डिजिटल फोरेस्ट स्टेक है। साथ ही उन्होंने सीतामाता वन्यजीव अभ्यारण्य में इको टूरिज्म फैसिलिटीज तथा केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, भरतपुर व नाहरगढ़ बायोलोजिकल पार्क में गोल्फ कार्ट सुविधा को प्रदेश की जनता को समर्पित किया।
इस अवसर पर वन मृदा स्वास्थ्य कार्ड एवं राजस्थान में जलवायु परिवर्तन प्रतिक्रिया और पारिस्थितिकी तंत्र सेवा संवर्धन (सीआरईएसईपी) के लोगो का अनावरण तथा वन प्रशिक्षण एवं प्रबंध संस्थान का रिमोट का बटन दबाकर डिजिटल माध्यम से शिलान्यास भी किया।
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महिलाकर्मियों का सम्मान
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने वनमित्रों को किट वितरित किए तथा वन विभाग में कार्यरत महिला कार्मिकों को भी उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने पौधरोपण किया तथा गोल्फ कार्ट को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि पीएम मोदी ने वृक्षारोपण को एक जन अभियान बनाने के लिए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान शुरू किया है।
इस अभियान के तहत मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में हुए उत्कृष्ट कार्यों का प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम में विशेष उल्लेख भी किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पौधारोपण के साथ उनकी सुरक्षा के लिए मॉनिटरिंग की भी अनूठी व्यवस्था की गई है। इसी तरह वन विभाग द्वारा वन सुरक्षा एवं प्रबंधन समिति के रजिस्ट्रीकरण का कार्य भी किया जा रहा है। जापान इंटरनेशनल कॉर्पोरेशन एजेन्सी (जाइका) के एजि वाकामास्तु द्वारा भी कार्यक्रम को संबोधित किया गया।