scriptRural Sanitation : गांवों में सफाई पर सख्ती, अब गांवों में भी होगी शहरी सफाई जैसी व्यवस्था, हर पंचायत को मिलेंगे 10 लाख रुपए | Strictness on cleanliness in villages, now villages will also have a system like urban cleanliness, every panchayat will get 10 lakh rupees | Patrika News
जयपुर

Rural Sanitation : गांवों में सफाई पर सख्ती, अब गांवों में भी होगी शहरी सफाई जैसी व्यवस्था, हर पंचायत को मिलेंगे 10 लाख रुपए

Rural Sanitation : अप्रैल से पंचायतों की सफाई व्यवस्था पर कड़ी निगरानी, क्या बदलेगी तस्वीर? अब गांवों में भी होगी शहरी सफाई जैसी व्यवस्था, सरकार ने बनाया खास प्लान।

जयपुरMar 24, 2025 / 04:53 pm

rajesh dixit

Cleanest Rural State
जयपुर। राजस्थान सरकार ने राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए व्यापक अभियान शुरू किया है। गांवों की सफाई पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे राजस्थान देश का सबसे स्वच्छ ग्रामीण प्रदेश बन सके। अप्रैल से पंचायतों में सफाई व्यवस्था की सख्त निगरानी होगी, और हर पंचायत को औसतन 10 लाख रुपए उपलब्ध कराए जाएंगे। सफाईकर्मियों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण दिए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य गांवों को कीचड़ मुक्त बनाना और स्वच्छता को सतत अभियान के रूप में स्थापित करना है।

यह भी पढ़ें

रामनवमी पर मिलेगा बड़ा तोहफा : जेडीए का एक और धमाका, 777 आवासीय भूखण्ड़ों की प्रक्रिया होगी शुरू

पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के लिए पुरजोर प्रयास किये जा रहे हैं। ऐसा पहली बार है कि जब प्रदेश सरकार द्वारा शहरी क्षेत्रों की तरह गांवों में भी साफ सफाई के लिए विशेष रूप से जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कि मंशा है कि आने वाले एक वर्ष में राजस्थान संपूर्ण देश में सबसे स्वच्छ ग्रामीण प्रदेश के रूप में अपनी पहचान बनाए।
उन्होंने कहा कि अप्रेल माह से विभाग के सभी स्तर के अधिकारियों द्वारा समय समय पर साफ- सफाई के लिए पंचायतों का निरीक्षण किया जाना सुनिश्चित किया जाएगा।

पंचायती राज मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस सम्बन्ध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि राज्य वित्त आयोग एवं केंद्र वित्त आयोग से प्राप्त होने वाली राशि में से 30 : 40 के अनुपात में स्वच्छता पर व्यय किये जाने का प्रावधान है। इस तरह से साफ़-सफाई के लिए औसतन लगभग 10 लाख रुपए प्रति पंचायत उपलब्ध कराए जाते हैं। इस राशि से गांवों में प्रतिदिन सड़क एवं नालियों की सफाई एवं वाहन द्वारा घर घर कचरा संग्रहण किये जाने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि किसी क्षेत्र विशेष की जनसंख्या अधिक होने की स्थिति में 30 प्रतिशत राशि स्वच्छ भारत मिशन से व्यय की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि साफ़ सफाई के कार्यों के बाद शेष रही राशि से गांवों में नाली निर्माण, पेयजल एवं अन्य विकास संबंधी कार्यों पर व्यय किया जाता है।

सफाईकर्मियों को मिलेंगे सुरक्षा उपकरण, न्यूनतम 297 रुपए मजदूरी तय

दिलावर ने बताया कि सफाईकर्मियों को प्रतिदिन न्यूनतम 297 रुपए मजदूरी देने का प्रावधान है। इसके अलावा सफाईकर्मियों को सुरक्षा उपकरणों के तौर पर ग्लव्स, गमबूट, एप्रन, चश्में एवं टोपी उपलब्ध कराए जाते हैं।
उन्होंने बताया कि पंचायतीराज संस्थाओं को आधारभूत सेवाओं के रखरखाव प्रदायगी एवं विकास केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा पर्याप्त अनुदान राशि उपलब्ध करायी जाती है। इस अनुदान राशि से करवाये जाने वाले कार्यों का चयन भी स्थानीय स्तर पर ही संबंधित पंचायती राज संस्थाओं द्वारा किया जा कर ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) बनाई जाती है एवं इसी योजना से कार्यों का चयन कर राशि की उपलब्धता एवं कार्यों की प्राथमिकता के अनुसार स्वीकृतियां भी स्थानीय स्तर पर ही जारी की जाती है। उन्होंने बताया कि गांवों को कीचड़ मुक्त रखने जहां पर भी नाली निर्माण/सड़क निर्माण के कार्य अपेक्षित हैं, संबंधित पंचायती राज संस्था इन कार्यों को स्वीकृत करने में सक्षम हैं।

Hindi News / Jaipur / Rural Sanitation : गांवों में सफाई पर सख्ती, अब गांवों में भी होगी शहरी सफाई जैसी व्यवस्था, हर पंचायत को मिलेंगे 10 लाख रुपए

ट्रेंडिंग वीडियो