जानकारी के मुताबिक रॉयल्टी को लेकर कई दिनों से विवाद चल रहा था। शुक्रवार को विधायक के भाई के कुछ लोग जैसलमेर के मूलसागर गांव से आगे स्थापित रॉयल्टी ठेकेदार के टोल नाके पर पहुंचे। जहां पर रॉयल्टी ठेकेदार और कर्मचारियों से झगड़ा हो गया। कुछ ही देर में विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे से जमकर मारपीट की। इस दौरान अस्थाई टोल नाके को भी आग के हवाले कर दिया। इस हमले में रॉयल्टी ठेकेदार सहित दोनों पक्षों के 6 लोग घायल हो गए।
हमले में विधायक का बेटा घायल
झगड़े की सूचना मिलते ही जैसलमेर विधायक छोटूसिंह भाटी का बेटा भवानी सिंह भी मौके पर पहुंचा। तभी एक पक्ष के लोगों ने उनकी कार पर हमला बोल दिया। इस हमले में विधायक का बेटा और कार चालक घायल हो गया। बताया जा रहा है कि विधायक का बेटा विवाद सुलझाने के लिए यहां आया था।
24 लोगों को लिया हिरासत में
इधर, दो पक्षों में झगड़े की सूचना पर एडिशनल एसपी कैलाश दान जुगतावत अतिरिक्त जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति पर कंट्रोल किया। साथ ही घायलों को उपचार के लिए राजकीय जवाहर अस्पताल में भर्ती कराया। एसपी सुधीर चौधरी ने बताया कि इस मामले में 24 लोगों को हिरासत में लिया है। सभी को थाने में लाकर पूछताछ की जा रही है। ये है विवाद की वजह
आरोप है कि रॉयल्टी ठेकेदार ट्रक चालकों से मनमानी रॉयल्टी वसूलता है। इसको लेकर कई दिनों से विवाद चला आ रहा है। एक दिन पहले ही जैसलमेर ठेकेदार एसोसिएशन की ओर से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया था। जिसमें बताया गया था कि मेसेनरी स्टोन को लेकर रॉयल्टी ठेकेदार मनमानी रॉयल्टी वसूलता है।
जैसलमेर ठेकेदार एसोसिएशन के नखतसिंह भाटी ने बताया था कि जो भी ठेकेदार आता है, वह पहले सभी उपभोक्ताओं के साथ वार्ता करके प्रति ट्रक के अनुसार दरे निर्धारित तय करता है। लेकिन, ठेकेदार मनमानी कर रहा है और प्रति गाड़ी 3 हजार से 3500 रुपए वसूल रहा है, जबकि पहले की रेट 900 रुपए थी। जैसलमेर ठेकेदार एसोसिएशन ने विधायक से भी मुलाकात की थी और परेशानी से अवगत कराया था।