इनका न पंजीयन होगा और न ही बेचान
जांच कमेटी ने जांच में वैध पाए गए 138 पट्टों के अलावा 2024 में जारी सभी पट्टे अवैध व शून्य घोषित करने की अनुशंसा की है। जिनका न तो पंजीयन हो सकेगा, न ही बेचान किया जा सकेगा। इसके अलावा पट्टों की जांच में तत्कालीन अधिशासी अधिकारी जोधाराम विश्नोई की फर्जी पट्टा बनाने में संलिप्तता पाए जाने पर उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम 1988 के तहत मामला दर्ज करवाने की अनुशंसा की गई है। साथ ही मिलीभगत कर 5 हजार वर्गफीट से अधिक के पट्टे जारी करवाने वाले पट्टाधारकों के विरुद्ध भी मामले दर्ज करवाने की अनुशंसा की है। जांच रिपोर्ट में नगरपालिका की भूमि का सर्वे करवाकर पिल्लर लगवाने, चिन्हित करवाने, कच्ची बस्ती का सर्वे करवाने की अनुशंसा की गई है, ताकि यहां अतिक्रमण नहीं हो।