थानाधिकारी दिनेश लखावत ने बताया कि पिछले साल जेल में तलाशी के दौरान बंदी सतपाल सिंह से दो मोबाइल जब्त किए गए थे। एफआइआर दर्ज करने के साथ ही सतपालसिंह को प्रोडक्शन वारंट लेकर गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में सामने आया कि बंदी नारायणलाल यह मोबाइल उपयोग में लेता था। पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट पर नारायणलाल को भी गिरफ्तार कर पूछताछ की। नारायणलाल को यह मोबाइल एक अन्य बंदी मुकेश ने छह हजार रुपए में बेचा था।
मुकेश जेल में बंद था और उसके पास मोबाइल था। उसकी जमानत होने वाली थी। तब उसने छह हजार रुपए में मोबाइल को नारायण को बेच दिया था। बदले में नारायण ने जेल की कैंटीन से छह हजार रुपए का सामान दिला दिया था। कुछ दिन बाद मुकेश की जमानत हो गई थी और वह जेल से बाहर आ गया था। जेल में मोबाइल उपयोग में लेने व बेचने के मामले में भूमिका सामने आने पर पुलिस ने पाली जिले में सदर थानान्तर्गत सोनाई मांझी निवासी मुकेश पुत्र आदाराम को हिरासत में लिया। पूछताछ में मोबाइल रखना व बेचना स्वीकार करने पर उसे गिरफ्तार किया गया।
एक अन्य सिम भी उपयोग में ली
जेल प्रशासन ने पिछले साल जेल की तलाशी में 16 मोबाइल व नौ सिमें जब्त की थी। इनमें से एक सिम मुकेश ने भी उपयोग में ली थी। पुलिस इस मामले में भी उससे पूछताछ कर रही है। इस मामले में हुसैन, आकिब व जेल प्रहरी राजेश को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।