Rajasthan Roadways: कैलादेवी के लक्खी मेले के दौरान महज 5 घंटे में रोडवेज को लगा 10 लाख का फटका, जानिए कैसे
Kailadevi Lakhi Mela 2025: रोडवेज अधिकारी मेले में गत वर्ष से अधिक आमदनी की उम्मीद लगाए थे, लेकिन मेला ड्यूटी पर प्रदेशभर की डिपो से आए चालक-परिचालकों ने नवरात्र के दूसरे दिन ही अधिश्रम भत्ते की मांग को लेकर बसों का संचालन रोक दिया।
कैलादेवी के लक्खी मेले में राजस्थान रोडवेज को महज पांच घंटे की चालक-परिचालकों की हड़ताल से करीब 10 लाख रुपए का फटका लगा है। कैलादेवी मेला ग्राउंड से लेकर सभी 9 यूनिटों में बस संचालित नहीं होने से यात्री किराया संग्रहण 14 लाख 52 हजार रुपए पर सिमट गया।
हालांकि प्रदेश सहित दूसरे राज्यों से आए दर्शनार्थियों के परिवहन से रोडवेज को आठ दिन में 1.97 करोड़ रुपए की आय हुई है। अब मेला व्यवस्था में लगे रोडवेज अधिकारियों के लिए बसें नहीं चलने से हुए नुकसान की भरपाई करना चुनौती बन गया है। कैलादेवी के मेले में श्रद्धालुओं की आवक परवान चढ़ने से रोडवेज निगम ने 24 मार्च से कैलादेवी मेला ग्राउण्ड सहित हिण्डौन रेलवे स्टेशन पर मेला बस स्टैण्ड शुरू किए थे।
आस्था धाम कैलादेवी में पदयात्रा कर पहुुंचे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होने से पहले दिन से ही रोडवेज की यात्री भाड़ा आय का ग्राफ चढ़ना शुरू हो गया था। इस बार मौसम के अनुकूल रहने से प्रदेश सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश से पदयात्रियों की आवक खूब रही। ऐसे में रेलवे द्वारा मेला स्पेशल ट्रेन चलाने से यात्रियों की भीड़ में इजाफा हो गया।
अधिक आमदनी की थी उम्मीद
रोडवेज अधिकारी भी गत वर्ष से अधिक आमदनी की उम्मीद लगाए थे, लेकिन मेला ड्यूटी पर प्रदेशभर की डिपो से आए चालक-परिचालकों ने नवरात्र के दूसरे दिन ही अधिश्रम भत्ते की मांग को लेकर बसों का संचालन रोक दिया। पांच घंटे तक मेला ग्राउण्ड व संबद्ध सभी 9 यूनिटों में 150 मेला स्पेशल बसों का संचालन प्रभावित रहा। रोडवेज सूत्रों के अनुसार मेला ग्राउंड व धौलपुर यूनिट से हर 5 मिनट में बसें आगरा व कैलादेवी चलती हैं, लेकिन बसें बंद होने से करीब 10 लाख रुपए के यात्री किराए में गिरावट आई है।
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पुनर्भरण में भी घाटा
रोडवेज सूत्रों के अनुसार कैलादेवी की मेला स्पेशल बसों में श्रद्धालुओं को किराए में 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। शेष 50 प्रतिशत किराया राशि का राज्य सरकार की ओर से रोडवेज को पुनर्भरण किया जाता है। मेला स्पेशल ड्यूटी के चालक परिचालकों की हड़ताल से कैश किराए में 10 लाख की गिरावट आने से इसके एवज में सरकार से इतनी ही पुनर्भरण राशि भी नहीं मिलेगी।