UP आबकारी विभाग की बड़ी उपलब्धि: 52,297 करोड़ का राजस्व, एथेनॉल उत्पादन में देश में नंबर 1
Excise Revenue UP: उत्तर प्रदेश के आबकारी विभाग ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में ₹52,297 करोड़ का रिकॉर्ड राजस्व एकत्र किया है, जो 2017 के ₹14,000 करोड़ से लगभग तीन गुना अधिक है। राज्य 176 करोड़ लीटर एथेनॉल उत्पादन के साथ देश में शीर्ष स्थान पर है। सरकार की सख्त नीति से अवैध शराब पर पूरी तरह रोक लगी है।
टेक्नोलॉजी के उपयोग से आबकारी विभाग ने राजस्व में की भारी वृद्धि, जहरीली शराब पर पूरी तरह लगा अंकुश
UP Excise Achievements: उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। आबकारी विभाग ने इस वर्ष ₹52,297 करोड़ का राजस्व एकत्रित कर लिया है, जो कि वर्ष 2017 के ₹14,000 करोड़ की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक है। आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस उपलब्धि की जानकारी दी।
मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश न केवल शराब और आबकारी उत्पादों के राजस्व में बढ़ोतरी कर रहा है, बल्कि एथेनॉल उत्पादन में भी देश में शीर्ष स्थान पर है। वर्ष 2023-24 में राज्य ने 176 करोड़ लीटर एथेनॉल का उत्पादन किया था, और अगले वर्ष 200 करोड़ लीटर उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।
टेक्नोलॉजी से बदली तस्वीर, राजस्व में ऐतिहासिक वृद्धि
आबकारी मंत्री ने कहा कि डिजिटल टेक्नोलॉजी और पारदर्शी नीतियों के चलते विभाग की कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार हुआ है। वर्ष 2017 तक केवल ₹14,000 करोड़ का राजस्व प्राप्त हो रहा था, लेकिन अब यह बढ़कर ₹52,297 करोड़ तक पहुंच गया है।
उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा एथेनॉल उत्पादक राज्य बन चुका है। वर्ष 2023-24 में 527 लाख कुंतल शीरा (मोलासिस) का उत्पादन हुआ, जिससे 176 करोड़ लीटर एथेनॉल तैयार किया गया। अगले वित्तीय वर्ष में यह उत्पादन 200 करोड़ लीटर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी बल्कि किसानों को भी लाभ मिलेगा।
शराब की दुकानों की लॉटरी प्रक्रिया पूरी, पूरी तरह पारदर्शी व्यवस्था
मंत्री नितिन अग्रवाल ने बताया कि शराब की दुकानों के आवंटन की लॉटरी प्रक्रिया का दूसरा चरण पूरा हो चुका है। आबकारी विभाग द्वारा पारदर्शी प्रक्रिया के तहत दुकानें आवंटित की गई हैं, जिससे भ्रष्टाचार की संभावनाओं को पूरी तरह समाप्त किया गया है।
जहरीली शराब पर कसा शिकंजा, पिछले 3 वर्षों में नहीं हुई कोई घटना
प्रदेश में पिछले तीन वर्षों में जहरीली शराब से कोई घटना नहीं हुई है। सरकार ने प्रवर्तन की कार्यवाही को सख्त किया है, जिससे नकली और अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगी है।
सख्त प्रवर्तन अभियान, 1 लाख से अधिक मामले दर्ज
प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। अब तक 1,12,279 प्रवर्तन अभियोग पंजीकृत किए जा चुके हैं। जिससे यह स्पष्ट होता है कि योगी सरकार अवैध शराब माफियाओं पर लगातार शिकंजा कस रही है।
उत्तर प्रदेश का आबकारी विभाग राज्य की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान दे रहा है। डिजिटल टेक्नोलॉजी, पारदर्शिता और सख्त कानून व्यवस्था के चलते अवैध शराब पर लगाम लगी है, वहीं एथेनॉल उत्पादन के क्षेत्र में यूपी अग्रणी राज्य बन गया है। आने वाले वर्षों में यह योगदान और भी बढ़ने की उम्मीद है।
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