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ब्रांड ‘योगी’ की बढ़ती लोकप्रियता
इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया कि योगी आदित्यनाथ अब केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका प्रभाव पूरे देश में फैल चुका है। ‘ब्रांड योगी’ की नकल न केवल भाजपा के अन्य मुख्यमंत्रियों ने की है, बल्कि विपक्षी दलों के नेताओं ने भी उनकी कार्यशैली को अपनाने की कोशिश की है।
सख्त प्रशासक की छवि
योगी आदित्यनाथ की पहचान एक सख्त प्रशासक के रूप में बनी है। उनकी कार्यशैली की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह निर्णय लेने में देर नहीं करते और बिना किसी दबाव के सख्त फैसले लेते हैं। उनकी इस छवि ने उन्हें भाजपा के सबसे बड़े स्टार प्रचारकों में से एक बना दिया है। यही वजह है कि चुनावी राज्यों में उनकी मांग लगातार बनी रहती है। यह भी पढ़ें
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बुलडोजर न्याय और कानून व्यवस्था में सुधार
योगी आदित्यनाथ के बुलडोजर न्याय की नीति ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर एक अलग पहचान दिलाई है। अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई और अपराधियों के खिलाफ कड़ी नीति अपनाने के कारण कई अन्य राज्यों ने भी उनकी रणनीति को अपनाया। खासकर, बुलडोजर नीति की नकल मध्य प्रदेश, गुजरात और असम जैसे राज्यों में भी देखने को मिली।एंटी-रोमियो स्क्वॉड और महिला सुरक्षा पर फोकस
प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए योगी सरकार ने एंटी-रोमियो स्क्वॉड का गठन किया था, जो अब पूरे देश में एक मॉडल बन गया है। इस पहल की वजह से उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में कमी देखने को मिली है। अन्य राज्य भी इस मॉडल को अपनाने पर विचार कर रहे हैं। यह भी पढ़ें
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सुबह जल्दी उठने की आदत और मजबूत प्रशासनिक पकड़
योगी आदित्यनाथ की एक और खासियत यह है कि वह सुबह जल्दी उठकर दिन की शुरुआत करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, वह अधिकारियों के कार्यालय पहुंचने से पहले ही कई अखबार पढ़ चुके होते हैं और प्रदेश की हर छोटी-बड़ी घटना पर नजर रखते हैं। इससे उन्हें प्रशासन पर मजबूत पकड़ बनाने में मदद मिलती है।भाजपा के सबसे बड़े प्रचारक में से एक
योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वह भाजपा के सबसे प्रभावी प्रचारकों में से एक बन चुके हैं। पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न राज्यों के चुनावों में उनकी मांग काफी बढ़ी है। 2017 के बाद से, भाजपा ने उन्हें पश्चिम बंगाल, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, कर्नाटक और अन्य राज्यों में प्रचार के लिए भेजा है। यह भी पढ़ें
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राजनाथ सिंह से आगे क्यों निकले योगी
इंडियन एक्सप्रेस की सूची में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को सातवें स्थान पर रखा गया है, जबकि योगी आदित्यनाथ को छठा स्थान मिला है। इसके पीछे कई कारण माने जा रहे हैं।- राजनीतिक पकड़: योगी आदित्यनाथ की सीधी पकड़ केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी उनका प्रभाव बढ़ता जा रहा है।
- निर्णय लेने की क्षमता: जहां राजनाथ सिंह पार्टी और सरकार के फैसलों में एक वरिष्ठ नेता के तौर पर मौजूद हैं, वहीं योगी आदित्यनाथ एक ऐसे मुख्यमंत्री के रूप में उभरे हैं, जो अपने फैसलों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहते।
- मीडिया में प्रभाव: योगी आदित्यनाथ लगातार सुर्खियों में बने रहते हैं, जबकि राजनाथ सिंह की उपस्थिति अपेक्षाकृत कम देखी जाती है।

योगी आदित्यनाथ के टॉप 10 में आने के मुख्य कारण
- सख्त प्रशासनिक फैसले और कानून व्यवस्था में सुधार
- बुलडोजर न्याय और माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई
- महिला सुरक्षा को लेकर एंटी-रोमियो स्क्वॉड जैसी योजनाएं
- भाजपा के सबसे बड़े प्रचारकों में से एक
- सुबह जल्दी उठने और हर घटना पर नजर रखने की आदत
- मजबूत हिंदुत्व छवि और राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्यता
- केंद्र सरकार की योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करने की क्षमता
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