दिवंगत दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने मंगलवार को अपनी कानूनी टीम के साथ मुंबई पुलिस कमिश्नर को एक लिखित शिकायत सौंपी, जिसमें उनकी बेटी के कथित गैंगरेप और हत्या के लिए आदित्य ठाकरे और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई।
इसके बाद पत्रकारों से बात करते हुए वकील नीलेश ओझा ने कहा कि बॉम्बे हाईकोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार, लिखित शिकायत को एफआईआर माना जाना चाहिए और इसी आधार पर उन्होंने आदित्य ठाकरे, अभिनेता सूरज पंचोली और डिनो मोरिया और आदित्य ठाकरे के बॉडीगार्ड के खिलाफ गैंगरेप और हत्या की एफआईआर दर्ज करवाई है।
‘उद्धव ठाकरे भी आरोपी’
ओझा ने आगे कहा, इस मामले में आदित्य ठाकरे मुख्य आरोपी हैं। उद्धव ठाकरे, पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह और निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे इस मामले को दबाने के आरोपी है। मुख्यमंत्री रहते हुए उद्धव ठाकरे ने मामले को दबाने के लिए सत्ता का दुरुपयोग किया। दिशा की मौत की वजह है ‘ड्रग्स’?
वकील नीलेश ओझा ने यह भी दावा किया कि आदित्य ठाकरे और डिनो मोरिया का ड्रग्स कारोबार से सीधा संबंध है। उन्होंने कहा, “एनसीबी की जांच में यह बात सामने आई थी कि ये लोग ड्रग्स बिजनेस में शामिल हैं। यह एक बहुत बड़ा नेटवर्क है… ऐसी कई चीजें है जो दिशा सालियान की हत्या का कारण बनी। हमने इसकी जानकारी पुलिस को दी है।”
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि 28 वर्षीय दिशा सालियान ने 8 जून 2020 को उपनगरीय मलाड इलाके में एक इमारत से कूदकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। इसके छह दिन बाद 34 वर्षीय राजपूत मुंबई के बांद्रा में अपने अपार्टमेंट में फंदे से लटके पाए गए थे। पिछले हफ्ते सतीश सालियान ने अपनी बेटी की मौत की नए सिरे से जांच की मांग करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की। उन्होंने दावा किया कि उनकी बेटी ने आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि उसके साथ गैंगरेप हुआ था और सच को दबाने के लिए उसकी हत्या कर दी गई। सतीश सालियान ने शिवसेना (UBT) विधायक आदित्य ठाकरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। याचिका में उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) की भूमिका की भी जांच करने की मांग की है। इस याचिका पर जल्द ही बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई होने की उम्मीद है। इससे पूरे मामले में एक नया मोड़ आ सकता है।
कोर्ट में रखूंगा पक्ष- ठाकरे
दिशा सालियान के पिता की याचिका पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने कहा था कि पिछले पांच सालों में बहुत से लोगों ने उन्हें बदनाम करने की कोशिश की है। अगर मामला कोर्ट में है तो वह कोर्ट में ही अपनी बात रखेंगे। मालूम हो कि सीबीआई ने मामले की जांच के बाद दिशा सालियान की मौत को दुर्घटना बताया था। सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि दिशा हादसे के समय नशे में थीं, उनका संतुलन खोने के कारण वह बिल्डिंग से गिर गई। सीबीआई से यह भी स्पष्ट किया था कि सुशांत सिंह और दिशा सालियान की मौत का आपस में कोई संबंध नहीं है।