गौरतलब है कि राजस्थान सरकार की कालीबाई भील मेघावी छात्रा स्कूटी योजना व देवनारायण छात्रा स्कूटी वितरण योजना के तहत 12वीं के बाद कॉलेज में प्रवेश लेने वाली मेघावी छात्राओं को मेरिट के आधार पर स्कूटियां वितरित की जाती हैं। इन दोनों योजनाओं के तहत पिछले चार-पांच साल में नागौर व डीडवाना-कुचामन जिले की 1200 से अधिक छात्राओं को पात्र मानते हुए स्कूटियां स्वीकृत की गई, लेकिन वर्ष 2021-22 व 2022-23 में स्वीकृत 190 से अधिक स्कूटियां आज भी शोरूम में पड़ी धूल फांक रही हैं।
कॉलेज प्रशासन ने बताया कि कांग्रेस सरकार के समय छात्राओं को स्कूटियों का वितरण क्यूआर कोड के माध्यम से किया जाता था और आरसी बनाने का काम डीलर करते थे, इसलिए वर्ष 2021-22 व 2022-23 की 190 से अधिक स्कूटियां भी डीलर के शोरूम में रखी हुई हैं, जबकि अब आरसी बनाने का काम कॉलेज स्तर पर किया जाता है। पिछले दो साल की स्कूटियां कॉलेज के वेयर हाउस में रखी हुई हैं। गौरतलब है कि नागौर की तरह प्रदेश के अन्य जिलों में भी वर्ष 2022-23 की स्कूटियां आयुक्तालय की ओर से दिशा-निर्देश नहीं मिलने के कारण वितरित नहीं हो पाई हैं।
इन आंकड़ों से समझें भाजपा और कांग्रेस सरकार के कार्यकाल की स्थिति वर्ष 2021-22 में दोनों योजनाओं में जिले को कुल स्कूटियां मिली – 202 वितरित हुई – 190 छात्राएं अयोग्य पाई – 7
वितरण से शेष – 5 वर्ष 2022-23 में कुल स्कूटियां मिली – 367 वितरित हुई – 182 छात्राएं अयोग्य पाई – 12 विरण से शेष – 173 वर्ष 2023-24 में कुल स्कूटियां मिली – 640
वितरित हुई – 559 छात्राएं अयोग्य पाई – 80 छात्राएं बोली – हमारा क्या कसूर स्कूटी योजना की पात्र होने के बावजूद दो साल बाद भी स्कूटी से वंचित छात्राओं का कहना है कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने का खमियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। जबकि उन्हें इससे कोई लेना-देना नहीं है। मेघावी छात्राओं का कहना है कि उनके बाद जिन छात्राओं ने कॉलेज में प्रवेश लिया, उन्हें स्कूटी मिल गई, लेकिन हमें अब तक नहीं मिली है। वर्ष 2022-23 में प्रवेश लेने वाली छात्राओं की स्नातक की पढ़ाई इस वर्ष पूरी हो जाएगी, ऐसे में सरकार ने जिस उद्देश्य से इस योजना को शुरू किया, उस पर भी पानी फिर रहा है।
आयुक्तालय के निर्देशानुसार करेंगे कार्रवाई वर्ष 2021-22 व 2022-23 की कुछ स्कूटियों का वितरण शेष है, जिनको लेकर आयुक्तालय से अभी कोई दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। जैसे ही निर्देश मिलेंगे, वितरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
– प्रकाश नारायण, जिला नोडल प्रभारी, स्कूल योजना, नागौर