‘जब भी मैं खड़ा होता हूं, मुझे बोलने नहीं देते’
दरअसल, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राहुल गांधी को सदन के नियमों का पालन करने की नसीहत दी। कांग्रेस नेता इस पर कुछ कहना चाहते थे, लेकिन सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया। इस प्रकार से राहुल गांधी अपनी बात नहीं रख पाए। वे बाहर मीडिया से कहा कि उनको सदन में बोलने नहीं दिया जाता है। उन्होंने सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया और कहा कि विपक्ष के लिए कोई जगह नहीं छोड़ी गई है।राहुल गांधी ने लगाए ये गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने कहा कि मेरे बारे में कुछ निराधार बातें कहीं। उन्होंने सदन को स्थगित कर दिया, इसकी कोई जरूरत नहीं थी। यह एक परंपरा है, विपक्ष के नेता को बोलने का समय दिया जाता है। जब भी मैं खड़ा होता हूं, मुझे बोलने से रोक दिया जाता है। मैंने कुछ नहीं किया, मैं चुपचाप बैठा रहा। यहां लोकतंत्र के लिए कोई जगह नहीं है। मैं कुंभ मेले पर बोलना चाहता था, मैं बेरोजगारी पर भी बोलना चाहता था लेकिन मुझे अनुमति नहीं दी गई।स्पीकर ने दी थी आचरण और मर्यादा का पालन करने नसीहत
आपको बता दें कि राहुल गांधी बीते कुछ दिनों सदन में प्रदर्शन में शामिल हुए और बीच बीच में टिप्पणियों करते है। उसको लेकर ओम बिरला ने कांग्रेस नेता को टोका था। इससे पहले भी स्पीकर ने राहुल गांधी से कहा कि सदन के आचरण और मर्यादा का पालन करें। बीते कुछ दिनों में ऐसी घटनाएं घटी है जो सदन के लिहाज से ठीक नहीं थी।लोकसभा में तीखी बहस के बीच पास हुआ वित्त विधेयक 2025, शशि थरूर ने गैराज मैकनिक, छत और छाता की बात क्यों कही?
स्पीकर ओम बिरला ने कहा था कि सभी लोगों से अपेक्षा की जाती है कि सदन में सदन की मर्यादा और शालीनता बनाए रखे। सदन में मेरे संज्ञान में ऐसी कई घटनाएं आई है, यह सदस्य और उनके आचरण, सदन की उच्च परंपरा के अनुरूप नहीं हैं।