सोनिया गांधी ने कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में कहा कि वक्फ विधेयक को जबरदस्ती संसद से पास कराया गया। उन्होंने कहा, “यह विधेयक संविधान पर सीधा हमला है। यह समाज को हमेशा बांटकर रखने की भाजपा की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।” उन्होंने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ बिल पर भी कड़ी आपत्ति जताई और इसे संविधान के साथ छेड़छाड़ बताया।सोनिया गांधी ने कहा कि दो साल पहले संसद में महिला आरक्षण विधेयक पारित हुआ था, लेकिन अब तक इसमें एससी, एसटी और ओबीसी महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने की अनदेखी की जा रही है।
उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि यूपीए सरकार के समय शुरू किए गए चार प्रमुख कानून- सूचना का अधिकार (आरटीआई), मनरेगा, वन अधिकार कानून और भूमि अधिग्रहण कानून को वर्तमान सरकार कमजोर कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि 2013 में लागू राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून से 80 करोड़ लोगों को लाभ मिल रहा है, लेकिन जनगणना न होने के कारण 14 करोड़ लोग अपने अधिकार से वंचित रह गए हैं।
यह भी पढें: वक्फ संशोधन बिल-2025 के कानून बन जाने से क्या बदलेगा, चार पॉइंट्स में समझें सोनिया गांधी ने कांग्रेस नेताओं से यह भी अपील की कि वे वर्तमान केंद्र सरकार द्वारा उनकी योजनाओं को हथियाने और अपना बताकर दोबारा पेश करने की कोशिशों के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखें। उन्होंने कहा, “मोदी सरकार देश को ऐसे हालात में ले जा रही है, जहां संविधान सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएगा। हमें सच के लिए लड़ाई जारी रखनी होगी और सरकार की नाकामियों को उजागर करना होगा।”
सोनिया गांधी ने यह भी कहा कि 2004 से 2014 के बीच यूपीए सरकार की कई योजनाओं को एनडीए सरकार ने नए रूप में पेश कर अपनी उपलब्धि के रूप में प्रचारित किया है। कांग्रेस को इन सच्चाइयों को जनता तक पहुंचाने के लिए और प्रयास करने होंगे। सोनिया गांधी ने कहा कि संसद में भाजपा सांसद कांग्रेस शासित राज्यों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस सांसदों से भी केंद्र सरकार की नाकामियों को उजागर करने के लिए उतनी ही जोरदार और आक्रामक रणनीति अपनाने की अपील की।
उन्होंने कहा, “मैं देखती हूं कि भाजपा के सदस्य, खासतौर पर शून्यकाल के दौरान, हमारे राज्य सरकारों पर पूरी तरह झूठे आरोप लगाते हैं। आप सभी को भी उतनी ही आक्रामकता के साथ भाजपा शासित राज्यों की नाकामियों और कुप्रबंधन को उठाना चाहिए। इसके लिए हमें और गहराई से तैयारी और शोध करना होगा।”
कांग्रेस की राज्यसभा सांसद ने यह भी चिंता जताई कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने का अवसर नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को भी अपनी बात रखने नहीं दी जा रही है।
उन्होंने कहा, “यह बहुत ही अजीब और चौंकाने वाला है। यह सब विपक्ष को अपनी चिंताएं रखने से रोकने के लिए किया जा रहा है, ताकि सरकार को कटघरे में खड़ा न किया जा सके।”
सोर्स- IANS