दिल्ली की बहुप्रतीक्षित महिला समृद्धि योजना में देरी को लेकर
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा “जब कोई सरकार बनती है तो बजट आवंटन आवश्यक होता है। किसी भी नई योजना की रूपरेखा और क्रियान्वयन के लिए नियम बनाने पड़ते हैं। इसके बाद रजिस्ट्रेशन का काम शुरू होता है और आवेदनों की जांच होती है। महिला समृद्धि योजना कोई एक ही बार पैसा देने की योजना नहीं है। हमें एक टिकाऊ रूपरेखा बनानी पड़ेगी। ताकि महिला समृद्धि योजना का लाभ उसके असली पात्रों तक पहुंचे। आम आदमी पार्टी की सरकार ने योजनाओं की घोषणाएं जरूर कीं, लेकिन उन्हें एक साल से ज्यादा चला नहीं पाई। अब हम भी ऐसी ही गलती नहीं करना चाहते हैं।”
…ताकि हर पात्र तक पहुंचे योजना का लाभ
सीएम रेखा गुप्ता ने ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ को बताया “हमने गरीब महिलाओं को आर्थिक मदद देने का वादा किया है। इसलिए महिला समृद्धि योजना के लिए योग्यता की शर्तें बड़ी सावधानी के साथ तय करनी हैं। ताकि इसके दुरुपयोग को रोका जा सके।” उन्होंने ईडब्ल्यूएस का उदाहरण देते हुए बताया “जैसे ईडब्ल्यूएस से जुड़ी योजनाओं का फायदा अक्सर अयोग्य लोगों को मिल जाता है। ऐसे में हम महिला समृद्धि योजना के क्रियान्वयन की रूपरेखा बड़ी सावधानी के साथ बना रहे हैं। इसका मतलब ये नहीं है कि हम वादा पूरा नहीं करेंगे, हमारी सरकार का हर वादा पूरा होगा। बशर्ते हम ऐसी रूपरेखा बनाएंगे कि योजनाओं का लाभ सही हाथों तक पहुंचे।”
आम आदमी पार्टी की गिनाईं खामियां
सीएम रेखा गुप्ता ने आगे कहा “
आम आदमी पार्टी का काम ही आलोचना करना है। यह उनकी राजनीति है। इसमें कोई वजन नहीं है। उन्हें अपना रिकॉर्ड देखना चाहिए। उन्होंने पंजाब में महिलाओं को 1000 रुपये प्रतिमाह देने का वादा किया था, लेकिन तीन साल बाद भी वादा पूरा नहीं किया। इसके साथ ही दिल्ली में 10 साल पहले उन्होंने फ्री वाई-फाई की सुविधा देने का वादा किया था। जो दस साल तक सत्ता में रहने के बावजूद पूरा नहीं हुआ। आम आदमी पार्टी ने अपनी खुशी के हिसाब से पूरे दस साल तक सरकार चलाई, लेकिन हम अपना हर वादा पूरा करेंगे और निश्चित समय में पूरा करेंगे।”
महिला समृद्धि योजना की पहली किश्त पर क्या कहा”
दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने एक सवाल के जवाब में कहा “दिल्ली में भाजपा सरकार बने अभी सिर्फ एक महीना हुआ है। ऐसे में किसी भी योजना को इतनी जल्दी लागू करने की उम्मीद नहीं की जा सकती। नया वित्त वर्ष 1 अप्रैल को शुरू होता है। हमने बस अभी बजट पेश किया है। यह एक बहुत बड़ा काम था। हमें ओपनिंग बैलेंस का आकलन करना है और यह देखना है कि वित्तीय स्थिरता के साथ कितने लाभार्थियों को मदद दे सकते हैं। हम इस योजना को फंड देने के लिए वेतन देना नहीं रोक सकते हैं। हमें दोनों प्राथमिकताओं में बैलेंस रखना होगा। इसलिए महिला समृद्धि योजना की पहली किश्त जारी होने की तारीख बता पाना अभी जल्दबाजी होगी।”