यह राशि राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से जिला परियोजना समन्वयक समग्र शिक्षा को दी गई। उनकी ओर से राशि सीडीईओ को भेजी। वहां से पीईईओ तथा उसके बाद स्कूल तक पहुंचनी थी। जिसमें दो-तीन दिन का समय लग गया। पाली जिले के साथ अन्य जिलों के कई स्कूलों में राशि 29 मार्च को पहुंची। जिसे 31 मार्च तक खर्च करना है और 30 मार्च को रविवार है। ऐसे में राशि खर्च करने के लिए स्कूलों में महज एक दिन मिलेगा।
इतने रुपए तक मिलते है ग्रांट के तहत
कंपोजिट ग्रांट की राशि छात्रों की संख्या के आधार पर दी जाती है, जो कि न्यूनतम 10 हजार रुपए से लेकर 75 हजार रुपए या उससे अधिक हो सकती है। इस ग्रांट की राशि से स्कूलों का प्रबंधन बिजली, पानी और अन्य आवश्यक खर्चों को पूरा किया जाता है। इस वित्तीय वर्ष में यह राशि पहले दो माह की दी थी। अब वित्तीय वर्ष खत्म होने के समय 10 माह की ओर दी है।इतनी राशि की गई स्वीकृत
पाली: 310.91667जालोर: 365.25000
सिरोही: 190.08320
अप्रेल में राशि खर्च करने का मिले अधिकार
कंपोजिट ग्रांट के तहत राशि वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों में दी है। अब दो दिन अवकाश है। ऐसे में यह अप्रेल माह में खर्च करने का अधिकार देना चाहिए।-विपिन शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष, राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ
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दो दिन मिल जाएंगे
हमने सीबीईओ को राशि देते है। यह ग्रांट 28 मार्च को आई है। उनको दो दिन मिल जाएंगे। स्कूल बिल पहले तैयार रखते है। वे अब पेमेंट कर देंगे। यह राशि नामांकन के आधार पर दी जाती है।-राहुल कुमार राजपुरोहित, जिला शिक्षा अधिकारी, माध्यमिक, मुख्यालय, पाली