25 किमी की दूरी होगी कम
इस हाई ब्रिज के बनने से टोंक जिला मुख्यालय से धोली, कंडीला, कलमण्डा, नानेर, जंवाली, मालपुरा, डिग्गी, पीपलू सहित दर्जनों गांवों का सीधा संपर्क हो जाएगा। टोंक आने के लिए 25 किमी की सोहेला होकर अतिरिक्त दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।कट जाता है दर्जनों गांवों से सीधा संपर्क
बनास नदी में पानी की आवक होने व बीसलपुर बांध के गेट खोले जाने के बाद करीब दो से तीन महीने तक टोंक का दर्जनों गांवों से सीधा संपर्क टूट जाता है। हाई लेवल ब्रिज का काम पूरा होने के बाद बनास नदी में आने वाले बीसलपुर बांध के गेट खुलने के बाद व बरसात के समय रपट बह जाने के कारण होने वाली आवागमन की समस्या से निजात मिल सकेगी। ईसरदा बांध के निर्माण हो जाने के बाद बनास नदी गहलोद रपट पर 8 फीट पानी रहने की संभावना है। इस कारण आवागमन की परेशानी हो जाएगी। लेकिन इस हाई लेवल ब्रिज के बन जाने से यह समस्या हल हो जाएगी।तीन किमी लंबा है
बनास नदी गहलोद हाई ब्रिज निर्माण की कुल लम्बाई 3.335 किमी है। जिसमें ब्रिज की लंबाई 2 किमी तथा एप्रोचेज की लंबाई 1.335 किमी होगी। हाई ब्रिज में कुल 45 पाइल केप है। बनास नदी गहलोद पर निर्माणधीन हाई ब्रिज की कुल 250 गार्डर है। कार्य पूर्ण होने के बाद 10 साल तक पुल का रख-रखाव व देखरेख निर्माण करने वाली कम्पनी को करना होगा।अभी कई काम बाकी
पुल के 4 स्लैब पर अभी छत का काम ही बाकी है। इसके अलावा एप्रोज रोड पर ध्यान नहीं है। शहर के बहीर इलाके में ही सडक़ निर्माण बाकी है। पुल से शहर में जाने वाली सडक़ का मुआवजा दिया जा चुका है। लेकिन अभी तक सडक़ की तरफ सार्वजनिक निर्माण विभाग का ध्यान नहीं दिया है। ऐसे में काफी समय लगेगा।8 नवम्बर 2021 को शुरू हुआ था निर्माण
बनास नदी गहलोद हाई लेवल ब्रिज निर्माण के लिए 134.74 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत हुई थी। इस ब्रिज का निर्माण कार्य 8 नवम्बर 2021 को शुरू हुआ था जिसका निर्माण कार्य मई 2024 तक पूरा करना था। लेकिन संबंधित फर्म ने निर्माण में देरी की ओर से विभाग ने उसे फिर से मोहलत दे दी। इसके बाद मार्च तक का समय दिया गया। लेकिन अभी भी निर्माण पूरा नहीं हुआ है।राजस्थान के 2 नेशनल हाईवे होंगे फोरलेन, जाम से मिलेगा छुटकारा
इनका कहना है
काफी काम हो चुका है। छत का काम चल रहा है। जल्द ही एप्रोच रोड और शहर की सडक़ का काम किया जाएगा।-महेश चौधरी, सहायक अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग टोंक