घटना बुधवार शाम की है, जब 29 वर्षीय नीतू कुशवाहा अपनी चार साल की बेटी दिव्यांशी और डेढ़ साल के बेटे लल्ला के साथ घर से निकली और फिर वापस नहीं लौटी। परिवार के लोग उनकी तलाश कर रहे थे, लेकिन देर रात पाता रेलवे स्टेशन के पास इस भयावह हादसे की खबर मिली। फरक्का एक्सप्रेस की रफ्तार कम होने के कारण महिला की जान तो बच गई, लेकिन वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
मानसिक तनाव से गुजर रही थी नीतू
नीतू के पति राघवेंद्र सिंह, जो इलेक्ट्रॉनिक सामान के व्यापारी हैं, अपनी पत्नी और बच्चों के अचानक घर से निकलने को लेकर चिंतित थे। उनके परिवार में तीन बच्चे थे – सात साल का बेटा आरुष, दिव्यांशी और लल्ला। परिजनों ने बताया कि नीतू पिछले एक साल से मानसिक तनाव से गुजर रही थी।
घर में पसरा मातम
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे और घायल महिला को तत्काल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। घर में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। महिला के ससुर मान सिंह ने बताया कि नीतू मानसिक बीमारी से जूझ रही थी और परिवार के सदस्य लगातार उसे संभालने की कोशिश कर रहे थे लेकिन यह दर्दनाक हादसा हो गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।