राज्यपाल थावरचंद गहलोत Thawar Chand Gehlot ने शुक्रवार को सीएमआर विश्वविद्यालय के 9 वें दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, शिक्षा सफलता में महत्वपूर्ण योगदान देती है। यह तकनीकी और उच्च कौशल ज्ञान प्रदान करती है, विचारों को व्यक्त करने की हमारी क्षमता को बढ़ाती है और हमारे कौशल को मजबूत करती है।
भारत India की समृद्ध शैक्षिक विरासत पर विचार करते हुए राज्यपाल गहलोत ने विश्वगुरु के रूप में देश की ऐतिहासिक प्रतिष्ठा और इसकी एक बार संपन्न अर्थव्यवस्था पर प्रकाश डाला।उन्होंने कहा, इस कद को फिर से हासिल करने के लिए, हमें अपने युवाओं के कौशल, प्रतिभा और ऊर्जा का दोहन करना चाहिए।
उन्होंने शिक्षित युवाओं Youth की परिवर्तनकारी शक्ति को रेखांकित करते हुए कहा, उनका योगदान विज्ञान, प्रौद्योगिकी, व्यवसाय, कला और सामाजिक सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति को गति देता है। आज हम एक डिजिटल युग में रह रहे हैं, जहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा विज्ञान और उन्नत प्रौद्योगिकियां दुनिया को नया आकार दे रही हैं। पर्यावरण संबंधी चिंताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने संरक्षण प्रयासों के महत्व पर जोर दिया और कहा, हमारे जल, जंगल और हवा की रक्षा करना सामूहिक प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने स्नातकों से कहा कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाएं और एक भारत-श्रेष्ठ भारत तथा स्वावलंबी भारत के निर्माण में भाग लें।राज्यपाल गहलोत ने बोनिफेस प्रभु और श्रीकांत को भी बधाई दी, जिन्हें समाज में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए मानद उपाधियों से सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में सीएमआर समूह के चेयरमैन के.सी. राममूर्ति, डॉ. सविता राममूर्ति और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।