आशा मायके में रह रही थी। उसकी ससुराल एमपी बॉर्डर के सुरवानिया गांव में है। आशा के पिता ने पुलिस को बताया कि वह स्वयं उनकी पत्नी व बेटे के साथ पास गांव में नोतरे में गए थे। रात करीब 10 बजे लौट तो आयुष का शव आंगन में पड़ा था और आशा घर में नहीं थी। पुलिस के सूचना देने पर आरोपी का पति दिलीप गुजरात से बांसवाड़ा पहुंचा और पत्नी के खिलाफ हत्या कर फरार होने की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पति की दूसरी पत्नी
पुलिस की जांच में पता चला कि आशा का पति दिलीप गुजरात में रह कर मजदूरी करता है। आशा उसकी दूसरी पत्नी है, तो वहीं दिलीप भी आशा का दूसरा पति है। दोनों में अनबन के कारण कई माह से आशा मायके में ही रह रही थी।
डॉक्टर बोले गला दबा कर की हत्या
पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने बताया कि ने मृतक की उम्र करीब 2 वर्ष थी। बच्चे की मौत दम घुटने से हुई। मासूम का गला और मुंह दबाने से दम घुटा और मौत हो गई।
लगातार दे रहे दबिश
रात में शव को सुरक्षित रखवा दिया था। इसके बाद सुरवानिया और छापरिया दोनों गांव के लोगों की मौजूदगी शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव का दाह संस्कार कर दिया गया है। आशा की तलाश में दो टीम लगाई गई है। जीवत राम, आंबापुरा थानाधिकारी