इस दौरान कुल 13 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 10 पुरुष और 3 महिलाएं शामिल हैं।
बेसमेंट में बनायी गई थी ‘गुप्त दुनिया’
हुक्का बार्स कैफे और रेस्टोरेंट की आड़ में चल रहे थे। ग्राउंड फ्लोर पर कैफे, जबकि बेसमेंट में हुक्का बार चलाया जा रहा था, जहां युवाओं को बैठाकर फ्लेवर्ड हुक्के और शराब परोसी जाती थी। तेज म्यूजिक, छोटे केबिन्स और अंधेरे माहौल में नाबालिग लड़के-लड़कियों को भी प्रवेश दिया जा रहा था।
छापेमारी के दौरान मची भगदड़
पुलिस जैसे ही छापा मारने पहुंची, कैफे में भगदड़ मच गई। लड़के-लड़कियां भागते नजर आए, लेकिन पुलिस ने ग्राहकों को नहीं पकड़ा। कार्रवाई कैफे के मालिकों और स्टाफ तक सीमित रही। मौके से 9 हुक्के जब्त किए गए और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीम को भी मौके पर बुलाया गया।
बिना लाइसेंस चल रहे थे सभी हुक्का बार्स
प्रारंभिक जांच में पाया गया कि जिन भी पांच कैफे पर छापेमारी हुई, उनमें से किसी के पास भी हुक्का बार संचालन का वैध लाइसेंस नहीं था। पुलिस ने मौके से हुक्के, फ्लेवर, पाइप और अन्य सामान जब्त किया है।
हुक्के की होम डिलीवरी तक शुरू
पुलिस की पूछताछ में एक चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि इन कैफे मालिकों ने हुक्का की होम डिलीवरी भी शुरू कर दी थी। ग्राहक व्हाट्सएप या कॉल पर ऑर्डर देते थे और हुक्का उनके बताए स्थान पर पहुंचाया जाता था।
पुराने मामले भी सामने आए
यह कोई पहली घटना नहीं है। प्रेमनगर इलाके में पहले भी हुक्का बार्स के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है: 9 जुलाई 2020: एसएसडी प्लाजा स्थित ब्लू बेरी रेस्टोरेंट में हुक्का बार पकड़ा गया था। 10 जुलाई 2020: दोबारा उसी रेस्टोरेंट पर छापा पड़ा और कई युवक-युवतियां मौके से फरार हो गए। 28 सितंबर 2020: डीडीपुरम के ग्रीन चिली रेस्टोरेंट में हुक्का बार का खुलासा हुआ। 24 दिसंबर 2019: ब्लू बेरी रेस्टोरेंट में पुनः हुक्का बार पकड़ा गया, चार लोग गिरफ्तार हुए।
एक्शन में एसपी सिटी मानुष पारीक
एसपी सिटी मानुष पारीक ने स्पष्ट किया है कि हुक्का बार्स की आड़ में चल रहे ऐसे नशे के अड्डों को बख्शा नहीं जाएगा। पांचों कैफे को सील करने की प्रक्रिया जारी है और सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।