डीएम को दी गई बिल में जिम्मेदारी
राजेश अग्रवाल ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि वक्फ संशोधन बिल से सरकार धार्मिक कार्य में नहीं घुस रही। वक्फ की संपत्तियां का हिसाब-किताब अब कोई तो देखेगा। डीएम को जिम्मेदारी बिल में दी गई है, वह पहले ही सभी जमीन विवादों का निपटारा देखता है। इसमें क्या गलत है, वहीं सब सुनवाई होती है। गैर इस्लामिक सदस्य भी वक्फ बोर्ड में होने थे, ये पहले के नियम में था।
बिल के नाम पर अफवाह फैला रहा विपक्ष और तौकीर
भाजपा नेता ने कहा कि इस बिल के नाम पर विपक्ष और कुछ लोग अफवाह फैला रहे हैं। विपक्ष मुसलमानों में शिक्षा के अभाव का फायदा उठा रहा और उन्हें बरगला रहा है। उन्होंने कहा कि इस बिल को ईसाई समाज और काफी मुस्लिम भी इस बिल के पक्ष में हैं। उनका समर्थन मिल रहा है। भाजपा ने इस बिल के माध्यम से बताने का काम किया कि शोषित वर्ग जिसके नाम पर वक्फ बने, उनके लिए क्या किया गया।
वक्फ के नाम पर हुई करोड़ों की लूट
वक्फ बोर्ड संपत्ति लूट का अड्डा बन गए थे, बरेली में भी वक्फ के नाम पर करोड़ों की लूट हुई है। अब प्रशासन इसकी जांच करनी चाहिए। पूरे देश में यही लूट संपत्तियों को खुर्द बुर्द कर की गई। मौलाना तौकीर रजा के विरोध पर भाजपा नेता ने कहा कि तौकीर रजा वक्फ संशोधन बिल मत कबूल करें। जनता जानती है उन्होंने 2010 में क्या किया।