छात्रों को हो रही समस्याओं पर जताई नाराजगी
महानगर मंत्री आनंद कठेरिया ने कहा कि महाविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संपूर्ण जीवन पाठ्यक्रम का हिस्सा है, जो छात्रों के सभी पक्षों को प्रभावित करता है। लेकिन कॉलेज प्रशासन की उदासीनता के कारण यहां की बुनियादी सुविधाएं दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही हैं। उन्होंने बताया कि वर्षों से बंद पड़े बॉयज और गर्ल्स हॉस्टल के कारण छात्रों को रहने की भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, एक समय बरेली कॉलेज की शान रहा मल्टीपरपज हॉल अब जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है, जिससे छात्रों को शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिल पा रहा है।
पुस्तकालय में NEP 2020 की किताबों का अभाव
कठेरिया ने आगे बताया कि पुस्तकालय में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत आवश्यक पुस्तकें उपलब्ध नहीं हैं। इससे छात्रों का शैक्षणिक भविष्य अंधकार में जा रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इन समस्याओं का समाधान जल्द नहीं किया गया, तो विद्यार्थी परिषद छात्रों के हक के लिए संघर्ष करेगी। यदि प्रशासन ने छात्रहित में निर्णय नहीं लिया तो परिषद उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी महाविद्यालय प्रशासन की होगी।
पेयजल और सफाई की स्थिति दयनीय
राष्ट्रीय कला मंच की संयोजक काव्या गंगवार ने कहा कि पानी मानव जीवन के लिए सबसे आवश्यक तत्व है, लेकिन कॉलेज परिसर में पीने योग्य पानी की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा, सफाई व्यवस्था भी बेहद खराब है। शौचालयों की नियमित रूप से सफाई नहीं होती, जिससे छात्रों को भारी असुविधा झेलनी पड़ रही है।
अराजक तत्व बिगाड़ रहे माहौल
विद्यार्थी परिषद ने यह भी आरोप लगाया कि कॉलेज परिसर में बाहरी अराजक तत्वों की लगातार आवाजाही बनी रहती है, जिससे शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा है। परिषद ने मांग की कि कॉलेज प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करे और परिसर में अनुशासन सुनिश्चित करे।
छात्रहित में उठी आवाज
इस प्रदर्शन के दौरान विभाग संगठन मंत्री अवनी यादव, विभाग सह संयोजक श्रेयांस बाजपेयी, महानगर मंत्री आनंद कठेरिया, अरुण पाल, प्रांत सह सोशल मीडिया संयोजक हर्षित चौधरी, सक्षम प्रताप सिंह, आयुष गंगवार, कुनाल मिश्रा, गौरव गंगवार, लक्की शर्मा, सिवान सक्सेना, नितिन वाल्मीकि, अनुराग मिश्रा सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे। परिषद ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वह अगले चरण में बड़ा आंदोलन करेगी।