अब न्यूनतम दो बीघा पक्की जमीन वाले छोटे किसान भी योजना का लाभ लेकर निराश्रित पशुओं से फसलों की सुरक्षा के लिए तारबंदी करवा सकेंगे। इसके लिए कृषि आयुक्त चिन्मयी गोपाल ने योजना के क्रियान्वयन के लिए वर्ष 2025 -26 के लिए दिशा निर्देश जारी किए है। योजना का लाभ लेने के लिए व्यक्तिगत व दो किसानों द्वारा समूह में आवेदन करने पर कम से कम 0.5 हैक्टेयर अर्थात दो बीघा पक्की भूमि होना आवश्यक है।
वहीं सामुदायिक तारबंदी में 10 किसानों के पास न्यूनतम 5 सेक्टर भूमि होना जरूरी है। एक किसान को अधिकतम 400 मीटर रनिंग पर ही अनुदान देय होगा। वहीं पति-पत्नी दोनों के नाम भू-स्वामित्व है तो दोनों ही अनुदान के लिए पात्र होंगे। योजना के अंतर्गत तारबंदी में विद्युत करंट प्रवाहित नहीं किया जाएगा। इसका आवेदनकर्ता को शपथ पत्र देना होगा।
ऐसे लें योजना का लाभ
किसान कांटेदार, चैनलिंग व वर्गाकार जाली लगाकर लाभ ले सकते हैं। योजना का लाभ लेने के लिए किसान ई-साइन या पटवारी द्वारा प्रमाणित जमाबंदी, नक्शा ट्रेस, जन आधार कार्ड व लघु सीमांत किसान होने का प्रमाण पत्र लेकर ई-मित्र पर आवेदन करें। इसके बाद प्रशासनिक स्वीकृति जारी होने के 90 दिवस में कार्य पूरा कर योजना का लाभ उठाए।
ये मिलेगी अनुदान राशि
व्यक्तिगत व समूह में तारबंदी करने वाले सामान्य किसान को लागत का 50 प्रतिशत या 100 रुपए प्रति मीटर के हिसाब से अधिकतम 40 हजार रुपए और लघु सीमांत किसान को लागत का 60 प्रतिशत या 120 रुपए प्रति मीटर के हिसाब से अधिकतम 48 हजार रुपए 400 मीटर रनिंग तारबंदी पर देय होगा। वहीं सामुदायिक तारबंदी पर लागत का 70 प्रतिशत या अधिकतम 140 रुपए प्रति मीटर के हिसाब से 56 हजार रुपए 400 रनिंग मीटर पर दिया जाएगा। सरकार ने योजना में राहत देते हुए 0.5 हैक्टेयर भूमि पर तारबंदी करने पर किसानों को अनुदान देने का आदेश जारी किया है। अब छोटे किसान भी योजना का लाभ लेकर निराश्रित पशुओं से अपनी फसल को बचा सकेंगे।
महेश कुमार मीणा, कृषि पर्यवेक्षक, रायसर