CG News: 13 साल पहले हो गई थी लीज अवधि समाप्त
दुकान नंबर 182, न्यू सिविक सेंटर, जसराज कोचर को 30 साल के लिए लीज के तहत आवंटित की गई थी। जसराज कोचर ने दिनेश कुमार के नाम से पावर ऑफ अटॉर्नी निष्पादित किया था। इसके आधार वह दुकान पर काबिज था। लीज की अवधि 29 सितंबर 2012 को समाप्त हो गई थी। लीजधारक ने 30 साल की अवधि के लिए लीज का
नवीनीकरण न करवाने के कारण 2015 में दुकान का आवंटन बीएसपी ने रद्द कर दिया था।
दुकान से अनाधिकृत कब्जाधारियों को बेदखल करने के लिए 2016 में संपदा न्यायालय में मामला भी दायर किया गया था। इस बीच जसराज कोचर की मृत्यु हो गई।
संपदा न्यायालय ने 2017 में बीएसपी के पक्ष में आदेश पारित किया, जिसमें जसराज कोचर और दिनेश कुमार सिंघल को दुकान के अनाधिकृत कब्जेदार घोषित कर बेदखली का आदेश पारित किया।
77 लाख का बिल बकाया
संपदा न्यायालय के आदेश को दिनेश सिंघल ने दुर्ग न्यायालय में चुनौती दी थी। दुर्ग न्यायालय ने 2019 के आदेश के तहत संपदा न्यायालय के आदेश को बरकरार रखा। इसके बाद दिनेश कुमार ने
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में दुर्ग न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। उच्च न्यायालय ने फरवरी 2025 को पारित आदेश के तहत याचिका को खारिज कर दिया था, इसके चलते संपदा न्यायालय का आदेश प्रभावी हो गया।
दुकान पर 77 लाख 52 हजार का बिल बकाया था। इसका आवंटी ने 2014 से भुगतान नहीं किया था और सिर्फ बिजली बिल का भुगतान किया जा रहा था। न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए प्रवर्तन अनुभाग की टीम ने बुधवार को शॉप नंबर 182 न्यू सिविक सेंटर के अवैध
कब्जाधारियों के बेदखली की कार्रवाई की। पुलिस बल थाना कोतवाली, कार्यपालक मजिस्ट्रेट ढ़ाल सिंह बिसेन की मौजूदगी में कार्रवाई के दौरान कब्जाधारियों को परिसर से बेदखल कर शॉप के समस्त बाहरी दरवाजों को यथावत स्थिति में ही में सील किया गया।