एक लाख लीटर चाहिए पर 25 हजार की आपूर्ति
जिला अस्पताल में जिले के अलावा आसपास जिलों के मरीज भी जिला अस्पताल पहुंचते है। वर्तमान में एक लाख लीटर पानी की आवश्यकता प्रतिदिन जिला अस्पताल को है, लेकिन आपूर्ति 25 हजार लीटर तक हो पाती है, वर्तमान में शाम के बाद लोगों को पानी के लिए परेशान होते देखा जा सकता है। पेयजल के लिए लगाया गया ठंडा पानी प्लांट शाम तक बंद हो जाता है.
रात में होंगे परेशान इसलिए बनाते है व्यवस्था
मरीज के परिजन संतोष कहार निवासी खुनाझिर ने बताया कि परिजन कई दिनों से भर्ती है, दोपहर तक तो इमारत के बाहर लगे वॉटर कूलर से पानी ले लेते है लेकिन दोपहर के बाद पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। बाहर लगा वॉटर कूलर शाम के बाद इतना धीमा हो जाता है जिसके कारण वहां पर भी लाइन लग जाती है। रात में पानी के लिए परेशान ना होना पड़े तो जिला अस्पताल के बाहर लगे प्याऊ, कोतवाली थाना व मंदिर से पानी लाकर रख लेते है।
ओपीडी बंद होने के बाद कोई जिम्मेदार नहीं
प्रतिदिन ओपीडी दोपहर एक बजे बंद हो जाती है इस दौरान शिकायत सुनने सिविल सर्जन कार्यालय व आरएमओ कार्यालय में कोई उपस्थित रहता है लेकिन उसके बाद वार्ड में नर्सिंग स्टाफ के अलावा कोई नहीं रहता है। दोपहर के बाद अगर कोई अव्यवस्था रहती है तो उसका समाघान अगले दिन ही हो पाता है। पानी की समस्या को लेकर रमेश यादव निवासी बोरिया रविवार को यहां वहां गए लेकिन समस्या सुनने वाला ही कोई नहीं था।
इनका कहना है।
जिला अस्पताल के पांचों फ्लोर पर पेयजल आपूर्ति के कनेक्शन किए गए है तथा कई स्थानों पर वॉटर कूलर लगाए गए है। अगर शाम के बाद पेयजल आपूर्ति प्रभावित होती है तो उसे और बेहतर बनाने के प्रयास किए जाएंगे।
उदय पराडकऱ, सहायक प्रबंधक, जिला अस्पताल, छिंदवाड़ा।