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छिंदवाड़ा

शाम होते ही जिला अस्पताल में बिगड़ रही पेयजल आपूर्ति, यहां-वहां भटकते है मरीज व परिजन

इमारत के बाहर लगा वॉटर कूलर भी शाम तक तोड़ देता है दम, जिला अस्पताल के बाहर से पानी लाना बन रहा मजबूरी

छिंदवाड़ाApr 01, 2025 / 05:09 pm

Jitendra Singh Rajput

jila asptaal

jila asptaal

छिंदवाड़ा. गर्मी का पहला महीना अप्रेल अभी शुरु ही हुआ है और अभी से जिला अस्पताल में पेयजल आपूर्ति बिगड़ती दिखाई दे रही है। कहने के लिए जिला अस्पताल की पांचों फ्लोर पर पेयजल आपूर्ति बनाने का प्रबंधन दावा करता है लेकिन उनके दावों की पोल तब खुलती है जब इन पांचों फ्लोर पर भर्ती मरीज व उनके परिजन पेयजल आपूर्ति के लिए इमारत से बाहर आते है और उनके हाथों में पानी की बोतल, बर्तन नजर आते है। व्यवस्था के नाम पर ऊपर पानी टंकी से हर फ्लोर पर कलेक्शन किए गए है जिसमें कुछ स्थान पर वॉटर कुलर लगे है वह या तो बंद है या फिर उनके आसपास गंदगी पसरी हुई है। कई फ्लोर पर तो सिर्फ एक नल लगा दिया गया है लेकिन उसका पानी लोग नहीं पीते है। कहीं पर ओपीडी पर्ची काउंटर वाले फ्लोर पर अंदर लगा वॉटर कूलर बंद कर दिया गया है क्योकि बाहर दान में मिला वॉटर कूलर लगाया गया है।

एक लाख लीटर चाहिए पर 25 हजार की आपूर्ति


जिला अस्पताल में जिले के अलावा आसपास जिलों के मरीज भी जिला अस्पताल पहुंचते है। वर्तमान में एक लाख लीटर पानी की आवश्यकता प्रतिदिन जिला अस्पताल को है, लेकिन आपूर्ति 25 हजार लीटर तक हो पाती है, वर्तमान में शाम के बाद लोगों को पानी के लिए परेशान होते देखा जा सकता है। पेयजल के लिए लगाया गया ठंडा पानी प्लांट शाम तक बंद हो जाता है.

रात में होंगे परेशान इसलिए बनाते है व्यवस्था


मरीज के परिजन संतोष कहार निवासी खुनाझिर ने बताया कि परिजन कई दिनों से भर्ती है, दोपहर तक तो इमारत के बाहर लगे वॉटर कूलर से पानी ले लेते है लेकिन दोपहर के बाद पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। बाहर लगा वॉटर कूलर शाम के बाद इतना धीमा हो जाता है जिसके कारण वहां पर भी लाइन लग जाती है। रात में पानी के लिए परेशान ना होना पड़े तो जिला अस्पताल के बाहर लगे प्याऊ, कोतवाली थाना व मंदिर से पानी लाकर रख लेते है।

ओपीडी बंद होने के बाद कोई जिम्मेदार नहीं


प्रतिदिन ओपीडी दोपहर एक बजे बंद हो जाती है इस दौरान शिकायत सुनने सिविल सर्जन कार्यालय व आरएमओ कार्यालय में कोई उपस्थित रहता है लेकिन उसके बाद वार्ड में नर्सिंग स्टाफ के अलावा कोई नहीं रहता है। दोपहर के बाद अगर कोई अव्यवस्था रहती है तो उसका समाघान अगले दिन ही हो पाता है। पानी की समस्या को लेकर रमेश यादव निवासी बोरिया रविवार को यहां वहां गए लेकिन समस्या सुनने वाला ही कोई नहीं था।

इनका कहना है।


जिला अस्पताल के पांचों फ्लोर पर पेयजल आपूर्ति के कनेक्शन किए गए है तथा कई स्थानों पर वॉटर कूलर लगाए गए है। अगर शाम के बाद पेयजल आपूर्ति प्रभावित होती है तो उसे और बेहतर बनाने के प्रयास किए जाएंगे।

उदय पराडकऱ, सहायक प्रबंधक, जिला अस्पताल, छिंदवाड़ा।

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