ज्वाला सिंह ने कहा कि इस आईपीएल में युवा खिलाड़ियों को मौका मिल रहा है, जो मेगा ऑक्शन के बाद पहला आईपीएल है, और इन शुरुआती मैचों में टीमों और खिलाड़ियों के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण होंगे। उनका मानना है कि टीम का संयोजन मैदान पर मैच खेलने के बाद ही सही रूप में सामने आएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि आईपीएल के दौरान खिलाड़ियों के अच्छे और बुरे पल होते हैं, जैसे यशस्वी के चयन के समय और उनकी चोटें। लेकिन हर चुनौती से उबरने के बाद जो खुशी होती है, वह अभूतपूर्व होती है। उन्होंने जोस बटलर के राजस्थान रॉयल्स द्वारा रिटेन न किए जाने पर भी आश्चर्य जताया, क्योंकि वह टीम के मुख्य सदस्य थे।
ज्वाला सिंह ने इस आईपीएल सीजन में गेंदबाजों के लिए दो नई गेंदों के इस्तेमाल और सलाइवा के उपयोग को लेकर समर्थन किया, क्योंकि इससे गेंदबाजों को मदद मिलेगी और बल्लेबाजों के लिए भी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां बनेंगी। उनका मानना है कि यह बदलाव गेंदबाजों के लिए फायदेमंद होगा, क्योंकि पिछले सत्र में रन बहुत ज्यादा बन रहे थे।
वहीं, पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ता सरनदीप सिंह ने बैन हटाए जाने को लेकर कहा कि इस बदलाव से खेल में और संतुलन आएगा। उन्होंने कहा कि इससे गेंदबाजों को अपनी ताकत दिखाने का मौका मिलेगा और मैचों में रोमांच बढ़ेगा। उनका कहना था कि इस आईपीएल में बड़े स्कोर और बड़े रन बनने की उम्मीद है, लेकिन बॉलर्स भी अपनी ताकत दिखाने में सक्षम होंगे। उन्होंने घरेलू क्रिकेट से उठे युवा खिलाड़ियों के जलवे को देखने का भी उत्साह जताया।
सरनदीप ने यह भी कहा कि आईपीएल में सभी टीमें मजबूत हैं, और इस बार भी मुकाबले कड़े होंगे। उन्होंने मुंबई इंडियंस और हैदराबाद को इस सत्र में मजबूत टीमें बताया और भविष्य में अच्छे मैचों की उम्मीद जताई। दोनों ने इस बात पर जोर दिया कि क्रिकेट में कोई भी टीम कमजोर नहीं होती और हर मैच में परिणाम किसी के भी पक्ष में जा सकता है।