प्लेइंग-11 में बदलाव के सुझाव
चेन्नई सुपर किंग्स की हालिया विफलताओं के मद्देनजर 1983 वर्ल्ड कप विजेता भारतीय टीम के सदस्य रहे कृष्णम्माचारी श्रीकांत ने प्लेइंग-11 में बदलाव के कुछ अहम सूझाव दिए हैं। विशेष रूप से उन्होंने टॉप ऑर्डर बल्लेबाजी क्रम में डेवोन कॉनवे को शामिल करने की सिफारिश की है। इस दौरान उन्होंने रविचंद्रन अश्विन का समर्थन किया, जिन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अश्विन को प्लेइंग-11 में शामिल करने की वकालत करते हुए सुझाव दिया कि टीम प्रबंधन को गेंदबाजी में उनकी भूमिका में बदलाव पर विचार करना चाहिए।
उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, कॉनवे को जेमी ओवरटन की जगह पर आना चाहिए, साथ ही अंशुल कंबोज को भी प्लेइंग-11 में शामिल करना चाहिए। अश्विन के मामले में उन्होंने कहा कि उन्हें बाहर मत करो, लेकिन उन्हें पावरप्ले में गेंदबाजी करने से रोको। जडेजा और नूर अहमद के साथ 7 से 18वें ओवर के बीच वह प्रभावी हो सकते हैं। वे कम से कम 10 ओवर आसानी से खींच सकते हैं। मैं राहुल त्रिपाठी को बाहर करूंगा और कंबोज को लाऊंगा और फिर ओवरटन की जगह कॉनवे को लाना पसंद करुंगा।
अनुभवी भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने 9.75 करोड़ रुपए की भारी कीमत पर चेन्नई सुपर किंग्स में वापसी की है। हालाकि मौजूदा आईपीएल सीजन में उनका प्रदर्शन अपेक्षानुरुप नहीं रहा है, क्योंकि उन्होंने खेले गए तीन मैचों में कुल तीन विकेट हासिल किए हैं।
मध्यक्रम में आक्रामकता की जरूरत
चेन्नई सुपर किंग्स के मध्यक्रम में पर्याप्त हिटिंग पावर की कमी दिखी है। यहां तक कि अनुभवी खिलाड़ी एमएस धोनी भी अब तक खेले गए मैचों में टीम की बल्लेबाजी को मजबूत नहीं कर पाए हैं। उन्होंने इस पर कहा कि मैं शिवम दुबे को प्लेइंग-11 में खिलाना पसंद करूंगा। आंद्रे सिद्धार्थ को इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर में लाऊंगा। मुकेश चौधरी भी अच्छा विकल्प हैं, उन्होंने पहले भी चेन्नई के लिए अच्छी गेंदबाजी की है।