स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए प्रशासन ने इलाके में तीन थानों की पुलिस और राजस्थान आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी (RAC) के जवानों को तैनात कर दिया। वहीं, पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
रात में अज्ञात व्यक्ति ने तोड़ी प्रतिमा
रामगढ़ पचवारा थाना प्रभारी रामशरण गुर्जर ने बताया कि तीन साल पहले बस स्टैंड पर बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापित की गई थी। काले पत्थर से बनी इस मूर्ति के हाथ में तीर-कमान था, लेकिन गुरुवार रात अज्ञात शख्स ने तीर-कमान के पिछले हिस्से को तोड़ दिया। टूटा हुआ हिस्सा मौके पर ही पड़ा मिला। रात में ही पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच शुरू कर दी। स्थानीय लोगों ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए रामगढ़ पचवारा थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है और संदिग्धों की तलाश जारी है।
घटना के बाद जनता का विरोध शुरू
प्रतिमा खंडित होने की खबर फैलते ही स्थानीय लोग बड़ी संख्या में बस स्टैंड पर एकत्र हो गए और नारेबाजी करने लगे। कई प्रदर्शनकारियों ने विरोध स्वरूप धरना भी शुरू कर दिया और प्रशासन से जल्द से जल्द दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की। रामगढ़ पचवारा नगरपालिका चेयरमैन घनश्याम खटीक सहित कई प्रमुख नेता और सामाजिक कार्यकर्ता भी धरने में शामिल हो गए। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को उग्र आंदोलन की चेतावनी दी और कहा कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज होगा।
इलाके में भारी पुलिस बल तैनात
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने रामगढ़ पचवारा, लालसोट और मंडावरी थानों की पुलिस और RAC के जवानों को तैनात कर दिया है। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की। लालसोट डीएसपी दिलीप मीणा और रामगढ़ पचवारा एसडीएम बद्रीनारायण मीणा ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। लेकिन प्रदर्शनकारी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं और धरने पर बैठे हैं।
प्रशासन का क्या कहना है?
थाना प्रभारी रामशरण गुर्जर ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। डीएसपी दिलीप सिंह मीणा ने कहा कि पुलिस ने विशेष टीमों का गठन कर दिया है और संदिग्धों की तलाश की जा रही है। इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी होगी।
क्या है प्रदर्शनकारियों की मांग?
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली- भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा को जल्द से जल्द पुनर्स्थापित किया जाए। दूसरी- अज्ञात आरोपियों को 48 घंटे के अंदर गिरफ्तार किया जाए। तीसरी- घटना को अंजाम देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। गौरतलब है कि 2022 में अज्ञात लोगों ने बिना अनुमति के डॉ. भीमराव अंबेडकर और भगवान बिरसा मुंडा की मूर्तियां स्थापित कर दी थीं। उस समय तत्कालीन एसपी मनीष अग्रवाल ने रामगढ़ पचवारा थाने के तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था।