शहर में जगह-जगह हो रहे अतिक्रमण को लेकर नगर परिषद सख्त दिख रही है। और एक माह से लगातार कार्रवाई कर कच्चे और पक्के अतिक्रमणों को ध्वस्त किया जा रहा है। बुधवार दोपहर से लेकर शाम तक तोप तिराहा, संतर रोड, लाल बाजार और चूड़ी मार्र्केट से अतिक्रमण पर पीजा पंजा जमकर बरसा। लेकिन रात्रि 8 बजे के बाद दस्ता एकाएक गुरुद्वारा रोड स्थित पार्षद बॉबी के दो मंजिला मकान का ध्वस्त करने पहुंच गया। जिसके बाद लोग दबी जुबां से तरह-तरह के कयास लगाने लगे। कार्रवाई के दौरान कलक्टर श्रीनिधि बी टी सहित नगर परिषद आयुक्त अशोक शर्मा और उनकी टीम पूर्ण रूप से मुश्तैद रही। और देखते ही देखते चार जीसीबी की मदद से दो मंजिला मकान का ध्वस्त कर दिया।
इस दौरान पार्षद अकील अहमद उर्फ बॉबी का आरोप है कि कलक्टर सहित नगर परिषद आयुक्त को मकान का पट्टा सहित अन्य कागजात दिखाए। लेकिन कुछ घंटे की मशक्कत में दो मंजिल इमारत जमींदोज हो गई। पार्षद ने नगर परिषद पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह कैसी कार्रवाई? न ही उन्हें कोई नोटिस दिया गया और न ही उन्हें कोई सूचना दी और न ही मकान को चिह्नित किया गया। उन्होंने कहा कि परिषद यह कार्रवाई किस आधार पर कर रही है। तो वहीं नगर परिषद आयुक्त ने बताया कि शहर में जगह-जगह अवैध अतिक्रमण हो रहा है। अवैध अतिक्रमणों और भवनों पर शहर के लिए 2011 में लागू हुए मास्टर प्लान के तहत जो भवन बाइलॉजिकल रूप से सही नहीं हैं उन पर कार्रवाई की जा रही है।
ध्वस्त इमारत को सुबह देखने पहुंचे लोग उधर, नगर परिषद की ओर से ध्वस्त की इमारत को गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में लोग देखने पहुंचे। साथ ही सुबह बगल की भी इमारत ध्वस्त कर दी गई। इस दौरान गुरुद्वारा रोड से आवाजाही बंद रही। यहां पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। कार्रवाई के बाद पोकलेन मशीन को ट्रक में लाद वापस भेज दिया गया।
– रात्रि 8 बजे निगम का दस्ता मेरे भवन को तोडऩे के लिए पहुंचा। जिसके बाद मैंने कलक्टर सहित नगर आयुक्त को जमीन की रजिस्ट्री सहित मकान के कागजातों बताए। लेकिन उन्होंने मेरी एक नहीं सुनी। नगर परिषद ने मुझे पहले या अभी किसी प्रकार का न नोटिस दिया और न ही उन्हें कोई सूचना दी। मुझे भवन के अंदर से सामान निकालने तक के लिए पर्याप्त समय तक नहीं मिला।
– अकील अहमद उर्फ बॉबी, पार्षद वार्ड नम्बर 42 – अवैध अतिक्रमणों और भवनों पर शहर के लिए 2011 में लागू हुए मास्टर प्लान के तहत जो भवन बाइलॉजिकल रूप से सही नहीं हैं, उन पर नगर परिषद की कार्रवाई की जा रही है। अतिक्रमण के जरिए हटाई इमारते तय नियम और दी स्वीकृति का उल्लंघन कर रही थी। निर्माण कार्य और भूमि दो अलग-अलग मामले हैं।
-अशोक शर्मा, नगर आयुक्त धौलपुर