पंचायत प्रशासन ने तीन माह पहले ही छत की मरम्मत करवाई गई थी। लेकिन उसके बावजूद भी पानी का रिसाव होने के कारण छत की पट्टियां कमजोर हो गईं। स्कूल की छत की पट्टियां टूटते ही शिक्षा विभाग के ब्लॉक स्तर के अधिकारी मौके पर पहुंचे। ब्लॉक अधिकारियों ने शिक्षकों के साथ कक्षों का अवलोकन किया। सीबीईओ जितेन्द्र सिंह जादौन ने बताया कि बुधवार को खैरारा के सरकारी स्कूल के कक्षाकक्ष की छत अचानक टूट कर गिर गई। कक्षाकक्ष में कक्षा छह के बच्चे पढ़ते थे। सुबह बच्चे स्कूल में आने के बाद कक्षाकक्ष में बैग रख प्रार्थना में चले गए। प्रार्थना से लौटने के बाद छत से मिट्टी-कंकड गिरने लगे। शिक्षकों ने छत से मिट्टी-कंकड़ गिरते देख बच्चों को कक्षाकक्ष से तत्काल निकाल दिया। थोड़ी देर बाद कक्षाकक्ष की छत भरभरा कर गिर पड़ी।
छठवीं कक्षा में 17 बच्चों की उपस्थिति खैरारा सरकारी स्कूल के कक्षा छठवीं में 22 बच्चों का नामांकन है। बुधवार को 17 बच्चे कक्षा में उपस्थित थे। कक्षाकक्ष की छत में बरसाती पानी का रिसाव होने के कारण पानी टपकता था। मिट्टी गीली होकर फूल गई थी, वहीं पट्टियां कमजोर हो चुकी थीं। पंचायत प्रशासन ने तीन माह पूर्व ही छत की मरम्मत कर कक्षाकक्षों में पानी टपकने से रोकने का प्रयास किया गया था।
यह कैसी छत की मरम्मत, तीन माह में खुली पोल शिक्षा मंत्री एवं शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सरकारी विद्यालयों के भवनों की मरम्मत के समय गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। वहीं अधिकारियों को समय-समय पर निरीक्षण करने के लिए पाबंद किया गया था, लेकिन खैरारा स्कूल के कक्षाकक्ष की छत गिरने के बाद निर्माण के गुणवत्ता की पोल खुल गई। गनीमत रही कि कक्षा में से बच्चों को निकाल दिया गया था।