अब नगरपालिका प्रशासन ऐसे हितग्राहियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। नगरपालिका द्वारा संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं, वहीं थाने में एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन भी दिया गया है। नगर पालिका सीएमओ कमलेश पाटीदार के अनुसार, शहर के विभिन्न वार्डों में रहने वाले 248 हितग्राहियों ने पहली किस्त तो ले ली, लेकिन चार साल बाद भी न तो घर बनाया और न ही राशि लौटाई। इसी कारण उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
दूसरे चरण के हितग्राही राशि के इंतजार में
प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana) के दूसरे चरण (2.0) में अब तक सैकड़ों लोगों ने आवेदन किया है, लेकिन उन्हें अभी तक योजना का लाभ नहीं मिला है। नगर पालिका को इस चरण के लिए 500 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। हितग्राहियों का कहना है कि उन्होंने जनवरी 2025 में आवेदन किया था, लेकिन अभी तक कोई राशि नहीं मिली।
नगरपालिका अधिकारियों के मुताबिक, इस बार सरकार ने योजना में कुछ बदलाव किए हैं। फिलहाल नगरपालिका को सरकार से योजना की आईडी प्राप्त नहीं हुई है, जिसके कारण वे डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार नहीं कर पा रहे हैं। जैसे ही आईडी मिलेगी, डीपीआर बनाकर कलेक्टर को स्वीकृति के लिए भेजी जाएगी।
नगरीय प्रशासन सख्त, हितग्राहियों की परेशानी बढ़ी
एक ओर जहां पहली किश्त लेने के बाद भी मकान न बनाने वाले हितग्राहियों पर एफआईआर की तलवार लटक रही है, वहीं दूसरे चरण के लाभार्थी राशि मिलने का इंतजार कर रहे हैं। हितग्राही नगर पालिका के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन वहां से उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा।