ड्रिप सिस्टम से जल और श्रम की बचत
विनोद ने अपने खेत में ड्रिप सिस्टम लगाया है, जिससे पौधों को समय पर पानी मिल जाता है और पानी की भी बचत होती है। इससे न केवल उत्पादन में वृद्धि हुई है बल्कि श्रम और समय भी कम लगता है। मिर्ची की फसल से सालाना लाखों की कमाई
पारंपरिक फसलों जैसे सोयाबीन, गेहूं, चना, मक्का और मूंग से किसानों को प्रति एकड़ सालाना 70 से 80 हजार रुपये की कमाई होती है। वहीं, मिर्ची की फसल में यह मुनाफा तीन से चार गुना तक बढ़ जाता है। किसान विनोद बिजगावने ने सितंबर में मिर्ची के पौधे लगाए थे, और दिसंबर से मिर्ची आनी शुरू हो गई। अब तक वे 1100 क्विंटल मिर्ची बेच चुके हैं, और अगले दो महीनों में 300 क्विंटल और मिर्ची होने का अनुमान है। प्रति एकड़ 2 से 2.50 लाख रुपये का मुनाफा होने की उम्मीद है। व्यापारी खुद खेत से मिर्ची खरीदने आ जाते हैं, जिससे परिवहन खर्च भी बचता है।
कृषि में नवाचार से आर्थिक समृद्धि
विनोद की यह कहानी बताती है कि अगर किसान पारंपरिक खेती से हटकर नई तकनीकों और फसलों की ओर रुख करें तो मुनाफे में कई गुना वृद्धि हो सकती है। सिराली के इस किसान की मेहनत और दूरदर्शिता ने खेती को लाभ का व्यवसाय बना दिया है।