दरअसल, बाणगंगा के निवासी देवेंद्र नरवरिया और कैलाश नरवरिया ने 21 फरवरी 2025 को EOW में अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि उनकी मां और मामा की जमीन पीथमपुर में है। वहां के तहसीलदार कार्यालय में जमीन बंटवारे का मामला लंबित है। स्थल निरीक्षण रिपोर्ट तैयार करने के लिए पटवारी द्वारा तीन लाख रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। EOW ने शिकायत मिलने के बाद एक विशेष दल का गठन किया।
दूसरी किस्त में घूंस लेते पकड़ाया पटवारी
शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी के द्वारा पहली किस्त में 1 लाख रुपए लिए जा चुके थे। दूसरी किस्त के लिए उस पर दबाव बनाया जा रहा था। ईओडब्ल्यू की टीम ने शिकायतकर्ता को पटवारी कार्यालय भेजा था। आरोपी के द्वारा पीथमपुर हाउसिंग के पास खड़ी कार में एक लाख रुपए लिए। शिकायतकर्ता के इशारे करते ही ईओडब्ल्यू की टीम ने पटवारी को पकड़ लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7(सी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।