हालांकि अब इसके निर्माण का जिम्मा एनएचएआइ को मिल गया है, जिस पर 6 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। मालूम हो, नए बायपास की जरूरत को देखते हुए एनएचएआइ ने करीब डेढ़ साल पहले नए बायपास की योजना बनाई थी।
गडकरी के हस्तक्षेप से रास्ता हुआ साफ
पूर्वी बायपास को एमपीआरडीसी द्वारा बनाए जाने की कवायद होने के बाद कुछ नहीं हो सका था। पिछले दिनों इंदौर आए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री से कहा था कि केंद्र पैसा लगाने को तैयार है तो राज्य खर्च न करें। एनएचएआइ को ही पूरा बायपास बनाने दें। इसके बाद ही मामले में फैसला हो सका। ये भी पढ़ें: ‘टोल प्लाजा’ पर नहीं रोकेंगे टोलकर्मी, अपने आप खुलेगा गेट खर्च होंगे 6 हजार करोड़
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुमेश बांझल ने बताया, पूरे बायपास के निर्माण औरंन अधिग्रहण में करीब 6 हजार करोड़ खर्च होंगे। पश्चिम रिंग के लिए टेंडर जारी किए थे। अहमदाबाद की कंपनी को सड़क निर्माण का ठेका 996 और 884 करोड़ में दिया गया है। अब नए सिरे टेंडर किए जाएंगे।