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जगदलपुर

अंतिम सांसें गिन रहा नक्सलवाद! फोर्स की आक्रामकता देख बिलों में घुसे नक्सल नेता, प्रभावित जिलों की संख्या रह गई सिर्फ 6

CG Naxal News: नक्सलियों के खात्मे के लिए सुरक्षा बलों ने तकनीकी सर्विलांस का जबरदस्त इस्तेमाल कर उसी के आधार पर फोर्स की तैनाती की और हर जगह देशद्रोहियों को ट्रैक कर उनका सफाया करने में सफलता हासिल की। पढ़ें, नवनीत मिश्र की स्पेशल स्टोरी….

जगदलपुरApr 04, 2025 / 08:33 am

Laxmi Vishwakarma

अंतिम सांसें गिन रहा नक्सलवाद! फोर्स की आक्रामकता से बिलों में घुसे बड़े नक्सल नेता, प्रभावित जिलों की संख्या रह गई सिर्फ 6
CG Naxal News: @नवनीत मिश्र/देश में छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों में नक्सलियों के खात्मे के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय की तकनीकी का इस्तेमाल करने की रणनीति और जनता के समर्थन के लिए समानांतर विकास गतिविधियों ने ‘लाल आतंक’ की कमर तोड़ दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि सरकार की रणनीति के चलते नक्सलवाद से अति प्रभावित जिलों की संख्या 12 से घटकर मात्र छह रह गई है।

CG Naxal News: मध्यम स्तर के नेता जंगलों में भटक रहे

इनमें छत्तीसगढ़ के 4 जिले- बीजापुर, कांकेर, नारायणपुर और सुकमा और झारखंड का पश्चिमी सिंहभूम और महाराष्ट्र का गढ़चिरौली जिला ही बचा है। सरकार ने मार्च 2026 तक इस समस्या से मुक्ति का टारगेट रखा है। नक्सलवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित छत्तीसगढ़ में लगातार ऑपरेशन से हालात यह हैं कि नक्सलियों का कैडर मामूली रह गया है, बड़े नेता दूसरे राज्यों में जाकर छिप गए हैं और मध्यम स्तर के नेता जंगलों में भटक रहे हैं।
गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ 11 और पुलिस महानिदेशकों के साथ 12 मीटिंग कर रणनीति तैयार की। (CG Naxal News) गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार नक्सलियों के खात्मे के लिए सुरक्षा बलों ने तकनीकी सर्विलांस का जबरदस्त इस्तेमाल कर उसी के आधार पर फोर्स की तैनाती की और हर जगह देशद्रोहियों को ट्रैक कर उनका सफाया करने में सफलता हासिल की।
इलाकों में तेज रफ्तार से विकास पहुंचाकर जहां नक्सल विचारधारा के प्रभाव में फंसे लोगों की सोच बदली, वहीं सरेंडर का मौका देने के बावजूद हिंसा पर आमादा नक्सलियों के कमांडर्स को ढेर कर काडर की कमर भी तोड़ी गई।

आर्थिक रूप से कमर तोड़ी

सूत्रों के अनुसार नक्सल क्षेत्र में कैडर के सफाए के साथ हथियारों की सप्लाई और उसके लिए आर्थिक मदद को भी रोका गया। नक्सलियों को धन मुहैया कराने वालों के खिलाफ धनशोधन कानून (पीएमएलए) के तहत मामले दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजा गया।

बिलों में घुसे बड़े नक्सल नेता

पिछले 15 महीने में 400 से ज्यादा नक्सली अलग-अलग मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। बड़े नक्सल लीडर सरकार के अभियान से खौफजदा हैं और खुद को सेफ जोन में छिपा लिया है। सूत्रों के अनुसार गणेश उइके उर्फ पी. हनुमंता ओडिशा में छिपा है। इसी तरह केसीआर रेड्डी उर्फ वकील साहब तेलंगाना शिफ्ट हो गया है। (CG Naxal News) महाराष्ट्र का इंचार्ज कोसा कभी अबूझमाड़ में बड़ा नाम था वह अब महाराष्ट्र में सक्रिय है। गुडसा उसेंडी तेलंगाना और हिड़मा के हैदराबाद में होने की जानकारी सामने आ रही है।
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इस रणनीति ने तोड़ दी नक्सलियों की कमर

तकनीकी का इस्तेमाल
नक्सलियाें से जुड़ी कूरियर सर्विस, सोशल मीडिया एनालिसिस

लोकेशन ट्रेसिंग, मोबाईल फोन पर नजर
कॉल लॉग्स का वैज्ञानिक विश्लेषण

नक्सलियों के परिवारों का सर्विलांस
ड्रोन सर्विलांस और सैटेलाइट इमेजिंग में एआई का इस्तेमाल
डेटा विश्लेषण के आधार पर सुरक्षा बलों की तैनाती

CG Naxal News

1 साल में 400 नक्सली मारे गए

छत्तीसगढ़ में 2023 में शासन बदलने के बाद नक्सलियों के खिलाफ मुहिम में तेजी आई। एक साल में 400 नक्सली मारे गए, 1194 नक्सली गिरफ्तार हुए और 1045 ने सरेन्डर किया। इस पूरी कारवाई में हताहत होने वाले सुरक्षा कर्मियों की संख्या सिर्फ 26 रही।
10 साल में विकास भी साथ-साथ
विकास बजट में 300% की बढ़ोतरी
हाईवे बने-11,503 किलोमीटर
ग्रामीण सड़कें – 20,000 किलोमीटर

मोबाइल टावर बने – 4898
बैंक शाखाएं खुलीं – 1007, 937 एटीएम (5 साल में)

नेतृत्व का अभाव, सरेंडर कर रहे नक्सली

CG Naxal News: बस्तर में बदलते हालात के बीच अब नक्सल संगठन में कोई बड़ा नेतृत्व नहीं बचा है। जंगलों में भटक रहे नक्सलियों का मनोबल इसी वजह से भी गिरा हुआ है। निचले स्तर के लड़ाके अब खुद को अकेला पा रहे हैं। जो सरेंडर नहीं कर पा रहे हैं वे मुठभेड़ में मारे जा रहे हैं। पिछले डेढ़ साल में बस्तर के सातों जिलों में 800 से ज्यादा नक्सली सरेंडर कर चुके हैं।
सुन्दरराज पी. आईजी, बस्तर रेंज: बस्तर में नक्सलियों का जनाधार खत्म हो गया है। उन्हें या तो मुख्यधारा में शामिल होना होगा या फिर एनकाउंटर झेलने को तैयार रहें।

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