सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने बताया कि इस संबंध में वित्त विभाग से स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। केन्द्रीय सहकारी बैंकों द्वारा पैक्स/लैम्प्स के माध्यम से खरीफ-2024 में ऋण प्राप्त करने वाले किसान अब 30 जून, 2025 अथवा ऋण लेने की दिनांक से 12 माह, जो भी पहले हो, ऋण राशि चुका सकेंगे। पूर्व में ऋण चुकाने की अवधि 31 मार्च, 2025 निर्धारित थी, जिसे आगे बढ़ाने की मांग की जा रही थी। राज्य सरकार ने इस मांग को स्वीकार करते हुए किसानों को बड़ा तोहफा दिया है।
Sarkari Naukri : राजस्थान में दसवीं पास सरकारी नौकरी की इस भर्ती ने तोड़े रिकॉर्ड, हर घंटे 2,317 आवेदन जमा
दक ने बताया कि तिथि आगे नहीं बढाए जाने पर लगभग 2.19 लाख किसानों पर बकाया लगभग 778 करोड़ रुपए का ऋण अवधिपार हो जाता। ऐसी स्थिति में इन किसानों को शून्य ब्याज दर पर फसली ऋण सुविधा का लाभ नहीं मिल पाता। साथ ही, ऋण अवधिपार होने की स्थिति में उन्हें 2 प्रतिशत पेनल्टी का भुगतान भी करना पड़ता।