मामला परकोटा क्षेत्र में ब्रह्मपुरी पंप हाउस का है जहां वाटर स्टोरेज टैंक और टैंकरों में पानी भरने के लिए बनाए हाईड्रेंट से हो रहे लीकेज से पानी बर्बाद हो रहा है। पंप हाउस परिसर में ही अधिशाषी अभियंता, सहायक और कनिष्ठ अभियंता समेत कर्मचारियों की पूरी फौज तैनात है। बावजूद इसके पानी की बर्बादी को लेकर मानों सभी मौन धारण किए हुए हैं। स्थानीय निवासियों की मानें तो पंप हाउस में लीकेज के चलते रोजाना पानी की बर्बादी का सिलसिला पिछले लंबे वक्त से चल रहा है। जलदाय अफसरों को इस बारे में अवगत भी कराया लेकिन अब तक समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं निकला।
शहर के अन्य पंप हाउसों में भी वाटर स्टोरेज सिस्टम की जांच भी विभाग के अफसरों ने बीते लंबे समय से नहीं कराई है। जिसके चलते जलदायकर्मी और कुछ पंप हाउसों में तैनात ठेकाकर्मी भी लीकेज की रोकथाम को लेकर गंभीर नहीं हैं। कई पंप हाउसों में तो लीकेज मरम्मत के लिए स्पेयर पार्ट्स की इन दिनों बेहद किल्लत चल रही है जिसके कारण पंप हाउस और संबंधित क्षेत्र में पाइप लाइनों के लीकेज सुधारने का काम भी ठप पड़ा है।
जोरावर सिंह गेट के पास बीते मंगलवार को हुए मेन पाइप लाइन के लीकेज को जलदायकर्मी अब तक ठीक नहीं कर पाए हैं। बताया जा रहा है कि स्पेयर पार्ट्स नहीं मिलने के कारण लीकेज ठीक नहीं हो सका है जिसका असर क्षेत्र में पेयजल वितरण पर भी पड़ रहा है। आज सुबह भी क्षेत्र के कुछ इलाकों में कम दबाव से जलापूर्ति होने की सूचना है।