बता दे, बैठक का मुख्य उद्देश्य जिला अध्यक्षों के अधिकार बढ़ाने और संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाने पर मंथन करना है। अगर इस दिशा में कोई बड़ा निर्णय लिया जाता है, तो आने वाले समय में टिकट वितरण और अन्य संगठनात्मक कार्यों में जिला अध्यक्षों की भूमिका अहम हो सकती है।
राजस्थान कांग्रेस को मिल सकती है नई दिशा
राजस्थान कांग्रेस में लंबे समय से गुटबाजी और कार्यकर्ताओं की अनदेखी की चर्चा रही है। ऐसे में हाईकमान के इस फैसले से पार्टी को नई ताकत मिल सकती है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा भी कई बार संगठन को मजबूत करने और जमीनी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की जरूरत पर जोर दे चुके हैं। उन्होंने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि निष्क्रिय पदाधिकारियों को नोटिस जारी किया जाएगा, चाहे उनका पद या पार्टी में प्रभाव कुछ भी हो। रंधावा ने पिछले महीने जयपुर में हुई कांग्रेस कार्यकारिणी बैठक में यह भी कहा था कि कोई भी व्यक्ति पार्टी से ऊपर नहीं है, चाहे वह कितना भी बड़ा नेता क्यों न हो
जिला अध्यक्षों को मिलेगी ज्यादा ताकत
कांग्रेस संगठन में पहले भी जिला अध्यक्षों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, लेकिन हाल के वर्षों में यह प्रभाव कमजोर हो गया था। अब हाईकमान की योजना उन्हें फिर से प्रभावी बनाने की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बताया कि हाईकमान ने संगठन को मजबूत करने के लिए एक रोडमैप तैयार किया है। बैठक में इस पर चर्चा होगी कि जिलाध्यक्षों को और अधिक शक्तिशाली कैसे बनाया जाए। कांग्रेस संगठन महामंत्री ललित तूनवाल ने भी कहा कि बैठक में जिलाध्यक्षों से लेकर बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की रणनीति बनाई जाएगी।
40 साल बाद हाईकमान करेगा सीधा संवाद
बताते चलें कि दिल्ली में होने वाली इस बैठक को कांग्रेस जिलाध्यक्ष भी बेहद अहम मान रहे हैं। जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष आरआर तिवाड़ी ने कहा कि करीब 40 साल के बाद पहली बार कांग्रेस का राष्ट्रीय नेतृत्व जिलाध्यक्षों से सीधा संवाद कर रहा है। इससे हाईकमान और जिलाध्यक्षों के बीच बेहतर समन्वय बनेगा और वे अपनी बात सीधे केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचा सकेंगे।
दिल्ली में जुटे राजस्थान के सभी जिलाध्यक्ष
राजस्थान के सभी जिला कांग्रेस अध्यक्ष मंगलवार देर रात तक दिल्ली पहुंच चुके थे और आज सुबह उन्होंने पार्टी के कई शीर्ष नेताओं से मुलाकात भी की। इस बैठक को लेकर वे बेहद उत्साहित हैं, क्योंकि इससे न केवल संगठन में नई ऊर्जा का संचार होगा, बल्कि जिला स्तर पर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की भागीदारी भी बढ़ेगी।
कांग्रेस के लिए अहम हो सकती है बैठक
कांग्रेस हाईकमान के इस कदम से न सिर्फ राजस्थान बल्कि पूरे देश में संगठन को मजबूती मिल सकती है। राजस्थान में हाल ही में सत्ता से बाहर हुई कांग्रेस के लिए यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि इससे पार्टी को जमीनी स्तर पर दोबारा मजबूती देने का अवसर मिलेगा। अब देखना यह होगा कि इस बैठक से संगठन को नया बल कैसे मिलता है और क्या कांग्रेस कार्यकर्ताओं की लंबे समय से चली आ रही शिकायतों का समाधान हो पाता है या नहीं।