उन्होंने इस पत्र में यह भी उल्लेख किया कि 30 मार्च से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्रि के साथ ही हिंदू नववर्ष का आगाज होता है और 8 अप्रैल को भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव भी मनाया जाएगा। ऐसे में धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए राजस्थान में मांस की बिक्री पर अस्थायी रोक लगाई जानी चाहिए।
सनातनी समाज ने किया समर्थन
बताते चलें कि राज्य मंत्री की इस मांग का प्रदेशभर के सनातनी समाज और हिंदू संगठनों ने समर्थन किया है। उनका कहना है कि त्योहारों की पवित्रता बनाए रखने और धार्मिक भावनाओं को आहत होने से बचाने के लिए सरकार को यह कदम उठाना चाहिए।
पहले भी उठ चुकी है ऐसी मांग
गौरतलब है कि इससे पहले भी कई शहरों में धार्मिक आयोजनों और नवरात्रि के दौरान मांस बिक्री पर प्रतिबंध की मांग उठती रही है। कई नगर निगम और स्थानीय प्रशासन पहले भी विशेष अवसरों पर मांस की दुकानों को बंद करने के आदेश जारी कर चुके हैं। अगर यह मांग स्वीकार की जाती है, तो पूरे राजस्थान में 9 दिनों तक मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लग सकता है।