उन्होंने आरोप लगाया कि आरटीओ विभाग के इंस्पेक्टर फिटनेस के नाम पर सड़क पर खड़े होकर खुलेआम वसूली कर रहे हैं। सरकार में बड़े स्तर पर फिटनेस सेंटर वालों को बुलाकर कहा जा रहा है आपकी फिटनेस सेंटर में दूसरी कंपनियों की मशीन लगा लो हम आपको परमिशन दे देंगे।
खाचरियावास ने कहा कि केंद्र सरकार की शर्तों के अनुसार 2025 तक ऑटोमेटेड फिटनेस खोले। लोगों ने करोड़ों रुपए खर्च कर फिटनेस सेंटर बनाए। लेकिन अब सरकार ने इन्हें बंद कर दिया है। प्रति वाहन से सरकार को भी 4200 रुपए ग्रीन टैक्स के रूप में मिलते हैं।
राजस्थान एकमात्र ऐसा स्टेट है जहां हमने ग्रीन टैक्स सरकार के लिए लागू किया। उन्होंने सरकार से मांग की कि जल्द से जल्द फिटनेस सेंटरों को फिर से चालू किया जाए, ताकि वाहन मालिकों को राहत मिल सके और आरटीओ विभाग में हो रही अवैध वसूली पर लगाम लगाई जा सके।