गठन के साथ ही अपने पैर फैलने शुरू किए
भाजपा ने अपने गठन के साथ ही अपने पैर फैलने शुरू किए। वर्ष 1980 में हुए चुनाव में 32 विधायकों ने जीत दर्ज की। कांग्रेस को चौंका दिया। पहली बार वर्ष 1990 में राजस्थान में सत्ता का स्वाद चखा था। भाजपा के 85 विधायकों ने जोरदार जीत हासिल की। भैरोसिंह शेखावत 4 मार्च 1990 को राजस्थान के सीएम बने। 2025 तक राजस्थान में भाजपा ने 5 बार सत्ता संभाली। इसके साथ राजस्थान में एक सिलसिला शुरू हो गया कि एक बार कांग्रेस और एक बार भाजपा राज करेगी। इस वक्त प्रदेश की बागडोर सीएम भजनलाल शर्मा संभाल रहे हैं।राजस्थान में भाजपा, एक नजर
1- 1980 – भाजपा – 32 विधायक जीते।2- 1985 – भाजपा – 39 विधायक जीते।
3- 1990 – भाजपा+जनता दल गठबंधन – 85 विधायक जीते ।
(भैरों सिंह शेखावत मुख्यमंत्री बने)
4- 1993 – भाजपा – 95 विधायक जीते। और पार्टी की सरकार बनी
( भैरों सिंह शेखावत फिर मुख्यमंत्री)
5- 1998 – भाजपा – 33 विधायक जीते।
6- 2003 – भाजपा – 120 विधायक जीते।
(पहली पूर्ण बहुमत की सरकार, वसुंधरा राजे सीएम बनी)
7- 2008 – भाजपा – 78 विधायक जीते।
8- 2013 – भाजपा – 163 विधायक जीते।
(वसुंधरा राजे दूसरी बार सीएम बनीं)
9- 2018 – भाजपा – 73 विधायक जीते।
10- 2023 – भाजपा – 115 विधायक जीते।
(भजन लाल शर्मा सीएम बनें)
राजस्थान विधानसभा में कुल 200 सीट
खाद्य सुरक्षा योजना में आया अपडेट, सीएम भजनलाल ने दी राजस्थान के सभी जिला कलक्टरों को नई पॉवर
राजस्थान में भाजपा की यह सबसे अधिक समय तक रहीं सीएम
राजस्थान में मुख्यमंत्री पद पर सबसे अधिक वसुंधरा राजे का कार्यकाल रहा है। वे 12वीं विधानसभा में 5 वर्ष 3 दिन तक सीएम रहीं। फिर 14वीं विधानसभा में 5 वर्ष 3 दिन तक सीएम रहीं। इस प्रकार कुल 10 वर्ष 6 दिन मुख्यमंत्री के पद पर बनी रहीं। इसके बाद भैरों सिंह शेखावत ने 2 कार्यकाल में 7 वर्ष 281 दिन राज किया। अभी भजनलाल शर्मा राजस्थान के सीएम हैं। 15 दिसंबर 2023 को उन्होंने कार्यभार संभाला था। अभी अपना कार्य बखूबी निभा रहे हैं।लॉरेंस गैंग के गुर्गें आदित्य जैन को एक गलती पड़ी भारी, ऐसे AGTF के जाल में फंसा ‘टोनी’
राजस्थान में अब तक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के नाम
जगदीश प्रसाद माथुर (1980-1981)हरि शंकर भाभरा (1981-1986)
भंवर लाल शर्मा (1986-1988)
ललित किशोर चतुर्वेदी (1988-1989)
भंवर लाल शर्मा (1989-1990)
रामदास अग्रवाल (1990-1997)
रघुवीर सिंह कोशल (1997-1999)
गुलाब चंद कटारिया (1999-1999)
भंवर लाल शर्मा (2000-2002)
वसुंधरा राजे (2002-2002)
ललित किशोर चतुर्वेदी (2003-2006)
महेश चंद्र शर्मा (2006-2008)
ओम प्रकाश माथुर (2008-2009)
अरुण चतुर्वेदी (2009-2013)
वसुंधरा राजे (2013-2014)
अशोक परनामी (2014-2018)
मदन लाल सैनी (2018-2019)
सतीश पूनिया (2019-2023)
चंद्र प्रकाश जोशी (2023-2024)
मदन राठौड़ (2024-जारी है…)।